संघ का 55 वर्षों के बाद वर्षायोग और श्री पारसनाथ भगवान की पंचकल्याण प्रतिष्ठा हुई : आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने कहा- मिथ्यात्व छोड़ें, सम्यक दर्शन प्राप्त करे संयम धारण करें
नगर का सौभाग्य है कि सन 1970 में दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी का वर्षायोग हुआ और सन 1971 में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्य संघ सान्निध्य में हुई। जिसमें भी हम मुनि अवस्था में शामिल थे। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने पंच कल्याणक प्रतिष्ठा के मोक्ष कल्याणक अवसर पर
इंदौर • Shreephal Jain News • 12-11-2025, 08:47 pm





















