थूवोनजी में पहली बार — एक ही मंच पर 14 जैनेश्वरी ऐलक दीक्षा, इतिहास रच गया: “जब गुरु योग्यता देख लेते हैं तो उसे छिपाना अपराध है”—निर्यापकाचार्य श्री सुधासागरजी महाराज
दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आज पहली बार एक ही मंच पर 14 जैनेश्वरी ऐलक दीक्षाएँ सम्पन्न हुईं। हजारों लोगों की मौजूदगी में श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म की ऐसी लहर उठी कि पूरा तीर्थ भावविभोर हो गया। यह आयोजन जैन समाज के लिए गौरव का क्षण बन गया। — श्रीफल साथी : राजीव सिंघई मोनू थूवोनजी।
इंदौर • Shreephal Jain News • 24-11-2025, 03:19 am



















