ललितपुर। क्षमा का अभाव क्रोध है, पर कहा यह जाता है कि क्रोध का अभाव क्षमा। क्रोध आत्मा की एक ऐसी कमजोरी है, जिसके कारण उसका विवेक समाप्त हो जाता है भले बुरे की पहचान नहीं रहती। जिसपर क्रोध आता है, क्रोधी उसे भला बुरा कहने लगता है क्रोध के समान आत्मा कोई दूसरा शत्रु नहीं है। यह विचार पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में पर्यूषण पर्व पर आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागरजी महाराज के प्रमावक शिष्य मुनिश्री विशद सागरजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा जीवन में क्षमा का भाव रखो सभी के प्रति कमी कोई वैर नहीं होगा। उन्होने कहा ग्रहस्थ का धर्म स्वयं के हाथ में है वही दशलक्षण है। यह हमारी जिन्दगी है इनके साथ जो जिए वही धर्म है जो अभाव में जीते हैं वह स्वभाव में वदलें। संसार में कर्म जैसा चलाते हैं हम चलते हैं। प्रत्येक जीव अपने कर्मों के अनुसार फल भोगता है हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है कर्म जो कराएगा कर्म जैसा कराएगा वैसा ही जिएगे। क्रोध एक आग है जो सबको जलाती है चिंगारी उठाती है और दिल को ठेस पहुंचाती है। दुश्मन के सामने क्रोध कर ले और अपनों के सामने राग यह आवक की परिणति है।
श्रावकों को जीवन में क्षमा की महत्ता बताई
धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन श्रेष्ठीजनों एवं मंगलाचरण मनोज जैन बबीना ने किया। धर्मसमा में सुषमा जैन, मेधा जैन एवं रिचा जैन, आरूश जैन ने तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया जबकि, अर्घ्य समर्पण का पुण्यार्जन महेंद्र सर्राफ परिवार ने किया। ध्संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया। प्रातःकाल बाहुबली भगवान की वेदिका पर प्रभु अभिषेक के बाद मुनिश्री शिव सागरजी महाराज द्वारा शांतिधारा का पुर्ण्याजन किया गया। इस दौरान उन्होने धर्मसभा में श्रावकों को जीवन में क्षमा की महत्ता बताई और कहा- क्षमा धारण करने से ही जीवन में शांति की अनुभूत्ति मिलती है।
धार्मिक प्रतियोगिता भाग्य और पुरूषार्थ विषय पर हुई
मध्यान्ह में मुनि श्री विशद सागर महाराज ने तत्वार्थ सूत्र के अध्याय को विस्तार पूर्वक श्रावकों को समझाया। पर्यूषण पर्व पर जैन धर्मालु प्रातःकाल जैन मंदिरों में पूजन अर्चन विधान और श्री जी के अभिषेक शांतिधारा कर श्रावक पुण्यार्जन कर रहे हैं। नगर के अभिनंदनोदय तीर्थ, जैन बडा मंदिर, जैन नया मंदिर, वहुवलि नगर, आदिनाथ मंदिर नईवस्ती, पार्श्वनाथ समोवशरण मंदिर, चन्द्रप्रभु मंदिर डोडाघाट, शान्तिनगर मंदिर गांधीनगर, इलाइट जैन मंदिर, आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन जैन मंदिर, पार्श्वनाथ कालौनी जैन मंदिर, ज्ञानोदय नगर जैन मंदिर में इन दिनों धर्म की अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है। सायंकाल जैन मंदिरों में प्रभु आरती एवं सांस्कृतिक कार्यकमों के माध्यम से श्रावक लाभांवित हो रहे हैं। जैन नया मंदिर पाठशाला परिवार द्वारा धार्मिक प्रतियोगिता भाग्य और पुरूषार्थ विषयक हुई। जिसमें बच्चों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में यह समाजजन रहे मौजूद
पर्यूषण पर्व पर जैन मंदिरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की संयोजना में अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन खजुरिया, मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, धार्मिक सयोजक प्रतीक इमलया, राकेश जैन , अमित सराफ, मनोज जैन बबीना, मोदी पंकज जैन, अशोक जैन दैलवारा, पवन जैन डा० डीके जैन, राजकुमार सुनील सराफ, सुवेन्दु जैन जितेन्द्र जैन वैद्य, विकास सौरई, अभय जैन, राजेन्द्र सराफ, वीरचंद सराफ, प्रमोद जैन पाय, संजय ककडारी, अमित जैन गारमेंट आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।




