रामगंजमंडी। जैन धर्म के ज्ञान, प्रतिभा और स्मरणशक्ति की अनूठी परीक्षा ‘कौन बनेगा प्रज्ञा शिरोमणि’ प्रतियोगिता में रामगंजमंडी की श्रीमती रेखा जैन शाह ने देशभर के 3 हजार प्रतिभागियों में अपना स्थान बनाकर नगर को गौरवान्वित किया है। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के बाद चयनित 20 प्रतिभागियों में उनका नाम शामिल होने से जैन समाज और नगरवासियों में हर्ष का वातावरण है।

4-5 अक्टूबर को अजमेर में फाइनल

प्रतियोगिता का फाइनल 4 एवं 5 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजे से अजमेर स्थित मेरवाड़ा एस्टेट (कोठी), भागचंद जी की कोठी में आयोजित होगा। यह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता जैन धर्म तथा आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित होगी।

प्रतियोगिता संयोजक आदीश जैन के अनुसार, ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में देशभर से लगभग 3 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इनमें से 20 प्रतिभागियों का चयन फाइनल मुकाबले के लिए किया गया है। चयनित प्रतिभागियों में 10 अजमेर से तथा 10 देश के विभिन्न शहरों और कस्बों से हैं।

ज्ञान और स्मरणशक्ति की होगी परीक्षा

इस रोचक प्रश्नोत्तरी में प्रतिभागियों को जैन धर्म एवं आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के जीवन-दर्शन पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। शीर्ष चार स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को सोने के लॉकेट प्रदान किए जाएंगे, जबकि अन्य सभी प्रतिभागियों को उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।

प्रतियोगिता मुनिश्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज एवं मुनिश्री 108 निस्पृह सागर महाराज की प्रेरणा से आयोजित की जा रही है। इससे पहले देश-प्रदेश के छह शहरों में इस प्रकार के आयोजन हो चुके हैं। राजस्थान में भवानीमंडी के बाद अब अजमेर में यह कार्यक्रम हो रहा है।

अजमेर का विशेष आध्यात्मिक महत्व

आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज की मुनि दीक्षा 30 जून 1968 को अजमेर में आचार्य ज्ञानसागर महाराज से हुई थी। इस ऐतिहासिक स्मृति से जुड़ा अजमेर जैन समाज के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। यहां आचार्यश्री की स्मृति में 71 फीट ऊंचा कीर्ति स्तंभ भी स्थापित है।

आचार्यश्री के जीवन, त्याग, तपस्या और साधना से जुड़े प्रसंगों पर आधारित इस प्रतियोगिता को नई पीढ़ी में जैन धर्म के ज्ञान और संस्कारों के विस्तार का माध्यम माना जा रहा है।

रामगंजमंडी में उत्साह का वातावरण

रेखा जैन शाह के चयन की सूचना मिलने पर उनके पति प्रदीप शाह, परिवारजन एवं समाजबंधुओं में खुशी की लहर है। समाजजन आशा व्यक्त कर रहे हैं कि वे फाइनल मुकाबले में अपनी प्रतिभा का श्रेष्ठ परिचय देकर रामगंजमंडी का नाम रोशन करेंगी।

श्रीफल साथी : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी