रायपुर। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सत्य, संवेदना और सही दिशा देना है। इसी संदेश के साथ अग्रसेन धाम, रायपुर में 30 सितंबर को प्रथम राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन आयोजित हुआ। छत्तीसगढ़ सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में जैन पत्रकार महासंघ के सहयोग से हुए सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ सहित देशभर से सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए।
सम्मेलन मुनिश्री आगमसागर जी महाराज, मुनिश्री पुनीतसागर जी महाराज, ऐलक श्री धैर्यसागर जी एवं ऐलक श्री स्वागतसागर जी के सान्निध्य में संपन्न हुआ। शुभारंभ भक्तामर पाठ से हुआ। ब्रह्मचारी सुनील जैन, रायपुर ने बदलती जीवनशैली और अपरिग्रहवाद पर विचार रखे।
सत्य, निर्भयता और समाजहित हो पत्रकारिता की पहचान
मुनिश्री आगमसागर जी महाराज ने कहा कि सत्य कहने और लिखने के लिए निर्भयता आवश्यक है। यदि सत्य कहना संभव न हो तो मौन बेहतर है, किंतु भ्रम फैलाना उचित नहीं। मुनिश्री पुनीतसागर जी महाराज ने पत्रकारिता को अहिंसा, जीवदया और ‘जियो और जीने दो’ की भावना से जोड़ने का आह्वान किया।
पत्रकारिता का मूल धर्म है सत्य का दर्शन कराना
भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य एवं बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. बलदेवराज गुप्ता ने पत्रकारिता के इतिहास और जैन समाज के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि इसका मूल कार्य समाज को सत्य से परिचित कराना है। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स, धर्मयुग, कृषि पत्रकारिता, भारतीय ज्ञानपीठ, चमेली देवी जैन और जैन टीवी सहित अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए।
न्यूज 24 एवं लल्लूराम डॉट कॉम के डायरेक्टर नमित जैन ने पत्रकारों से अहिंसा, करुणा और संयम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने तीर्थों की पहचान, विशेषताओं, समाचार की शुद्धता, प्रभावी शीर्षक और सोशल मीडिया पर सक्रिय उपस्थिति की आवश्यकता बताई।
जनगणना-2027 में ‘जैन’ पहचान दर्ज कराने का आह्वान
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र जैन महावीर, सनावद ने कहा कि जैन पत्रकार की जिम्मेदारी सामान्य पत्रकार से अधिक व्यापक है। खबर सनसनी फैलाने वाली नहीं, समाज को जोड़ने वाली और तथ्यपूर्ण होनी चाहिए।
उन्होंने जनगणना-2027 में प्रत्येक जैन परिवार से धर्म के कॉलम में स्पष्ट रूप से ‘जैन’ दर्ज कराने का आह्वान किया। आगरा की विभा जैन एवं रुचिका जैन ने पीपीटी के माध्यम से इस विषय पर विचार रखते हुए समाज को सक्रिय होने का संदेश दिया।
तीर्थ और धर्मायतनों के संरक्षण पर चर्चा
सम्मेलन में जैन तीर्थों और धर्मायतनों के संरक्षण-संवर्धन में पत्रकारिता की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने तीर्थों की ऐतिहासिकता, विरासत और धार्मिक महत्व को प्रमुखता से सामने लाने तथा संरक्षण के लिए जनजागरण करने की आवश्यकता बताई।
निःशक्तजन कल्याण आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त लोकेश कावड़िया ने सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण पर विचार रखे। दमोह के संतोष भारती ने समाचारों में तथ्य एवं प्रामाणिकता बनाए रखने पर बल दिया। आशीष तूफानी ने जैन पत्रकारों की आर्थिक स्थिति पर चिंतन की आवश्यकता बताई। एक्सप्रेस न्यूज, जबलपुर के सनत जैन ने संस्कारवान लोगों की सक्रिय भागीदारी को समाज और पत्रकारिता दोनों के लिए आवश्यक बताया।
पूर्व विधायक एवं महासंघ के संरक्षक सुनील जैन ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता, निर्भीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। दैनिक आचरण की निधि जैन ने जैन समाज की घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की।
प्रकाश मोदी और प्रदीप कुमार जैन सम्मानित
आयोजन को श्रेष्ठ, उपयोगी और समन्वयकारी बनाने में विशेष योगदान के लिए प्रकाश मोदी एवं प्रदीप कुमार जैन को जैन पत्रकार महासंघ ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया ने सम्मेलन को सार्थक बताते हुए कहा कि इससे पत्रकारों को सीखने का अवसर मिला।
राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने कहा कि व्यक्तिगत संपर्क से बड़ी संख्या में पत्रकारों को एकत्रित कर समयबद्ध आयोजन करना समाज को दिशा देने वाला प्रयास है। राजेंद्र जैन महावीर ने आयोजन की व्यवस्थाओं और मुनिश्री आगमसागर जी महाराज के मार्गदर्शन की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप जैन ‘विश्व परिवार’ रायपुर, प्रकाश मोदी ‘पारस चैनल’ एवं अनामिका बाकलीवाल, इंदौर ने किया। अंत में अतिथियों एवं पत्रकारों का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया।
सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र जैन महावीर, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन बड़जात्या, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र बैराठी, सुनील जैन, निधि जैन, शरद जैन, महालक्ष्मी चैनल दिल्ली के सुरेंद्र कुमार जैन बड़जात्या, सुरेंद्र प्रकाश जैन, मनोज सोगानी, श्रेयांश जैन, तपेश जैन, डॉ. मंजुला जैन, प्रकाश मोदी, प्रदीप कुमार जैन, प्रियेश जैन, डॉ. कल्पना जैन, राजेंद्र जैन, मनीष जैन, राजेश जैन, संजय जैन छाजेड़, सौरभ विद्यार्थी, आशीष जैन एवं भरत सेठ घुवारा सहित देशभर के पत्रकार एवं समाजजन उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : उदयभान जैन, जयपुर




