मुरादाबाद। फोर्टिस हेल्थकेयर ग्रुप, नई दिल्ली की कॉर्पाेरेट चीफ नर्सिंग ऑफिसर जेसिका डिसूजा ने कहा, नर्सिंग के क्षेत्र में मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर स्टुडेंट्स केवल उत्कृष्ट नर्स ही नहीं, बल्कि प्रभावी लीडर भी बन सकते हैं। नर्सों को दया, सहानुभूति, टीमवर्क और उत्कृष्टता को अपने पेशेवर जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के संग-संग नई चिकित्सा तकनीकों को भी आत्मसात करना होगा। उन्होंने वैश्विक स्तर पर नर्सों की कमी का उल्लेख करते हुए कहा, आने वाले समय में प्रशिक्षित और कुशल नर्सिंग प्रोफेशनल्स की डिमांड बढ़ने वाली है। ऐसे में स्टूडेंट्स को सघन प्रशिक्षण लेते हुए अपने आप को वैश्विक स्तर के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने कहा, मरीजों को बेहतर देखभाल देने के लिए निरंतर सीखना, अपने व्यक्तित्व का आत्ममूल्यांकन करना और नकारात्मकता से दूर रहना जरूरी है। जेसिका डिसूजा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से 18वें लैम्प लाइटिंग एवम् शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं।
अतिथियों का किया सम्मान
कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एस.पी. सुभाषिनी ने स्टूडेंट्स को नर्सिंग पेशे की गरिमा बनाए रखने, ईमानदारी और पूर्ण निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा करने की शपथ दिलाई। इससे पूर्व बतौर मुख्य अतिथि जेसिका डिसूजा, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. सीके जखमोला, डेंटल एवं एलाइड हेल्थ साइंसेज की डायरेक्टर गवर्नेंस नीलिमा जैन, नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी, प्राचार्या प्रो. जेसलीन एम., नर्सिंग के वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके लैंप लाइटिंग कार्यक्रम का शंखनाद किया। इस मौके पर फ्लोरेंस नाइटिंगेल को भी पुष्पांजलि अर्पित करके हुए भावपूर्ण स्मरण किया गया। प्रो. मंजुला जैन ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न और टोकन ऑफ लव भेंट कर सम्मानित किया।
सेवा भाव को सर्वाेपरि रखें
डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने नवागत स्टुडेंट्स का स्वागत करते हुए कहा, नर्सिंग मानवता की सेवा का ऐसा पवित्र दायित्व है, जिसमें कई बार अपनी सुख-सुविधाओं और आराम का त्याग करना पड़ता है। उन्होंने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सेवा सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए स्टूडेंट्स से कहा, वे अपने हृदय में दयालुता और अपने कार्यों में सेवा भाव को सर्वाेपरि रखें। उन्होंने स्टूडेंट्स को चुनौतीपूर्ण और आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी।
निरंतर सीखने की ललक ही बेहतर मरीज देखभाल का आधार
टीएमयू के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. सीके जखमोला ने अपने आर्मी बैकग्राउंड के अनुभव साझा करते हुए कारगिल युद्ध का उल्लेख किया। उन्होंने बताया, युद्ध के दौरान नर्सों ने घायल सैनिकों को समय पर रक्त, भोजन, दवाइयां और उचित चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई रही। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ मधुर व्यवहार और संवेदनशील संवाद उनकी आधी पीड़ा कम कर सकते हैं। डेंटल एवम् एलाइड हेल्थ साइंसेज की डायरेक्टर गवर्नेंस नीलिमा जैन ने टीएमयू के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, क्लिनिकल सुविधाओं, योग्य फैकल्टी और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बताते हुए स्टूडेंट्स को लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने और एक सच्चा एवम् संवेदनशील केयरगिवर बनने के लिए प्रेरित किया। नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी ने कहा, नर्सिंग में केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और निरंतर सीखने की ललक ही बेहतर मरीज देखभाल का आधार है।
निस्वार्थ सेवा का भाव होना चाहिए
कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. जेसलीन एम. ने कहा, नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का पवित्र माध्यम है। उन्होंने कहा स्टूडेंट्स के हृदय में दया और हाथों में निस्वार्थ सेवा का भाव होना चाहिए, ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में भी धैर्य और दक्षता के साथ मरीजों की देखभाल कर सकें। कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास, टीएमयू हॉस्पिटल की डीएनएस शालिनी, एएनएस वलसम्मा, डॉ. सपना सिंह, डॉ. सहर्ष वाल्टर, प्रो. जितेन्द्र सिंह, प्रो. अनुशी सिंह, प्रो. वेदमूर्ति, पूजा झा, सुश्री क्रिस्टीन, सुश्री सोनल के संग-संग बीएससी नर्सिंग के 200 और एएनएम के 50 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन प्रो. विजीमोल और शेरोन राणा ने किया।




