झुमरी तिलैया। जैन संत मुनि सुयशसागर महाराज के सान्निध्य में बड़ा जैन मंदिर के समीप प्रांगण में क्षमावाणी महापर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। महिला, पुरुष एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और समाजजनों ने एक-दूसरे से गले मिलकर जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा मांगी।
क्षमा से बदलता है मन और परिवार
मुनि सुयशसागर महाराज ने कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण और उनकी शोभा है। मजबूत व्यक्ति ही क्षमा प्रदान कर सकता है। मनुष्य से गलती होना स्वाभाविक है, किंतु गलती के बाद क्षमा मांग लेना सर्वश्रेष्ठ कार्य है।
उन्होंने कहा कि क्रोध से किसी को नहीं जीता जा सकता, जबकि क्षमा से शत्रु के मन में भी परिवर्तन लाया जा सकता है। छोटी-छोटी बातों पर संबंधों में आने वाली दूरी को क्षमा से समाप्त किया जा सकता है। क्षमा परिवारों को टूटने से बचाती है और प्रेम, वात्सल्य व शांति का वातावरण बनाती है।
मुनिश्री ने विश्व में शांति के लिए क्षमा धर्म अपनाने की प्रेरणा देते हुए क्षमावाणी पर्व को विश्व मैत्री दिवस के रूप में अंगीकार करने का विचार रखा।
समाज पदाधिकारियों ने की क्षमा याचना
समाज के उपमंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, सहमंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, भंडारी सुनील जैन सेठी तथा विरागोदय वर्षायोग समिति 2026 के संयोजकगण ने सभी समाजजनों को क्षमावाणी पर्व की शुभकामनाएं दीं। सभी ने गुरुदेव के समक्ष हाथ जोड़कर पूरे समाज से क्षमा याचना की।
रत्नत्रय व्रतियों का सम्मान
प्रातः रत्नत्रयधारी व्रतियों का माला एवं सम्मान-पत्र देकर सम्मान किया गया। मुनिश्री ने कहा कि रत्नत्रय व्रत मोक्षमार्ग को प्रशस्त करने वाला है और जीवन में सम्यक्त्व की शक्ति जगाता है।
उन्होंने विशेष रूप से 10 वर्षीय हितांश जैन के तीन दिवसीय रत्नत्रय व्रत की अनुमोदना करते हुए मंगल आशीर्वाद दिया।
संयोजकों का सम्मान और गोद भराई
संध्या में दशलक्षण पर्व के कार्यक्रमों के परियोजना निर्देशक तथा विरागोदय वर्षायोग समिति 2026 के संयोजकों व सहसंयोजकों को किशोर-आशा जैन पांड्या एवं आशा जैन पांड्या परिवार की ओर से उपहार प्रदान किए गए।
इसके बाद इटावा, उत्तर प्रदेश से आई रचना दीदी का गोद भराई कार्यक्रम हुआ। इसमें हनुमान जैन पाटनी, प्रवीण जैन पाटनी, खुशबू जैन पाटनी सहित समाजजनों ने सहभागिता की।
श्रीफल साथी : राजकुमार जैन अजमेरा




