डडूका/बांसवाड़ा। पर्युषण पर्व 2026 के समापन पर डडूका में पारंपरिक रजत गंधकुटी में विराजित श्रीजी के साथ प्राचीन काष्ठ रथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर भ्रमण के पश्चात शोभायात्रा गोचरण मैदान पहुंची, जहां भगवान आदिनाथ के समवशरण में धार्मिक आयोजन हुए। रथोत्सव मेले में सर्वधर्म के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
प्रसिद्ध फूलमाला बोली का सौभाग्य
समाज के मीडिया प्रभारी राकेश शाह ने बताया कि वागड़ एवं मेवाड़ क्षेत्र में प्रसिद्ध डडूका की रथोत्सव फूलमाला बोली का लाभ इस वर्ष उन्नति, नैमिश, प्रेमलता देवी एवं राजकुमार शाह परिवार को प्राप्त हुआ। समाज अध्यक्ष धनपाल सेठ एवं रेखा सेठ ने लाभार्थी परिवार को फूलमाला पहनाकर समाज की ओर से अभिनंदन किया।
सांस्कृतिक संध्या में वैराग्य और नियम की प्रेरणा
रथोत्सव की पूर्व संध्या पर जैन युवा समिति ने रथोत्सव 2026 सांस्कृतिक संध्या आयोजित की। इसमें ‘मजाक बना वैराग्य का कारण’ नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से भद्रबाहु एवं मनोरमा का वैराग्य प्रस्तुत किया गया। ‘नियम का फल’ नाटक का भी मंचन हुआ।
समाज की मेधावी प्रतिभाओं का नवनिर्वाचित अध्यक्ष धनपाल सेठ, युवा समिति अध्यक्ष चिराग शाह, सचिव पलाश शाह, कोषाध्यक्ष दिनेश शाह एवं रमणलाल शाह सहित अन्य पदाधिकारियों ने सम्मान किया।
प्राचीन काष्ठ रथ रहा आकर्षण
प्रातः मंदिरजी पर छत्र, चंवर, जिनवाणी, छड़ी, तोरण, वेंजणा एवं फूलमाला से रथ सजाने तथा श्रीजी को गणधरकुटी में विराजमान करने सहित विभिन्न पात्रों का चयन बोली के माध्यम से किया गया।
धर्मध्वज-पताका लेकर अश्व सवार, ऊंट सवार एवं बैंड-बाजों के साथ श्रद्धालु होली चौक पहुंचे। यहां गंधकुटी में विराजित भगवान के समवशरण मेले में सर्वधर्म श्रद्धालु शामिल हुए।
दोपहर में महिला, पुरुष, बच्चे और युवा प्राचीन काष्ठ रथ को गोचरण मैदान लेकर पहुंचे। भगवान आदिनाथ के समवशरण में अभिषेक, पूजन एवं द्रव्य अर्पण किए गए। जैन चबूतरे पर पारंपरिक काष्ठ रथ दौड़ देर शाम तक मेले का प्रमुख आकर्षण रही।
वात्सल्य भोज और प्रभावना
ग्रुप 72 द्वारा वात्सल्य भोज आयोजित किया गया। रात्रि में राजकुमार शाह परिवार की ओर से प्रभावना वितरण हुआ, जिसमें समाजजनों ने सहभागिता की। धनपाल सेठ एवं चिराग शाह ने पर्युषण पर्व में सहयोग करने वाले दानदाताओं, तपस्वियों और साधर्मीजनों का आभार व्यक्त किया।
श्रीफल साथी : अजीत कोठिया, डडूका, जिला बांसवाड़ा




