बकस्वाहा। दशलक्षण एवं पर्युषण पर्व के समापन पर जैन समाज ने श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए और नगरवासियों को अहिंसा, शांति तथा सद्भाव का संदेश दिया।
प्रमुख मार्गों से निकली शोभायात्रा
शोभायात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन छोटा मंदिर एवं श्री मुनिसुब्रतनाथ मंदिर से प्रारंभ हुई। यह राम-जानकी मंदिर, अहिंसा मार्ग, पुराना बस स्टैंड और बस स्टैंड स्थित भगवान महावीर मार्ग से होकर पुनः जैन मंदिर पहुंची।
मार्ग में श्रद्धालुओं ने द्वार-द्वार एवं चौक पर रंगोली सजाकर श्रीजी की मंगल आरती उतारी। भक्ति और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा से नगर का वातावरण धर्ममय बना रहा।
अभिषेक-शांतिधारा के साथ हुई आराधना
जैन मंदिर पहुंचने के बाद भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधान से संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर विश्व शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना की।
क्षमावाणी से दिया भाईचारे का संदेश
जैन समाज ने पर्युषण पर्व के माध्यम से अहिंसा, क्षमा, शांति और सद्भाव का संदेश दिया। समाजबंधुओं ने सभी से आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।
श्रीफल साथी : रत्नेश जैन रागी, बकस्वाहा




