आगरा। दशलक्षण महापर्व के समापन पर नाई की मंडी स्थित कटरा इतवारी खां के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को क्षमावाणी पर्व समारोह श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना कर परस्पर क्षमा याचना की और मैत्री, प्रेम एवं सद्भाव का संदेश दिया।

कलशाभिषेक और आरती से हुई शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ कलशाभिषेक से हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से आरती में सहभागिता की। क्षमा भावना से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।

त्यागी व्रतियों का सम्मान

मंदिर समिति की ओर से दशलक्षण महापर्व के दौरान उपवास एवं विभिन्न व्रत करने वाले त्यागी व्रतियों का माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। दस दिनों तक मंदिर में पूजन, श्रीजी के अभिषेक तथा धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से सहभागी श्रद्धालुओं का भी सम्मान किया गया।

समिति पदाधिकारियों ने तपस्वियों के त्याग, संयम और धार्मिक निष्ठा की सराहना की।

‘मिच्छामि दुक्कडम्’ के साथ क्षमा याचना

शाम को आयोजित क्षमावाणी कार्यक्रम में समाजबंधुओं ने वर्षभर में जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी। सभी ने ‘मिच्छामि दुक्कडम्’ कहकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सहभागिता

कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र बैनाड़ा ने किया। इस अवसर पर निर्मल मोठ्या, अजीत रांवका, प्रमोद रांवका, मोहन कासलीवाल, अनिल मोठ्या, अंकुर बैनाड़ा, मनीष मोठ्या, तरुण रांवका, अनिल रांवका, विकास कासलीवाल, शुभम कासलीवाल, ऊमा मोठ्या, आयुषी मोठ्या, कुसुम रांवका, सीमा बैनाड़ा, संगीता बैनाड़ा, शोभा बैनाड़ा, सुनीता रांवका, कविता बैनाड़ा, पायल कासलीवाल, सोनल बैनाड़ा सहित कटरा इतवारी खां जैन समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।