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सारांश:-

इंदौर। नेमीनगर जैन कॉलोनी में ससंघ विराजमान आचार्य श्री सुनील सागर जी गुरुदेव के सान्निध्य में वकील सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में इंदौर के श्रेष्ठ अधिवक्ताओं ने उपस्थित होकर गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री सुनील सागर जी गुरुदेव ने कहा कि न्याय केवल कानूनी किताबों के आधार पर नहीं, बल्कि अंतरात्मा की आवाज से होना चाहिए। आज इंदौर के श्रेष्ठ अधिवक्ता यहां उपस्थित हैं, जो समाज में न्याय और जनहित की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुदेव ने कहा कि संसार में प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर कभी वकील तो कभी जज बना रहता है। जब गलती स्वयं की होती है तो व्यक्ति अपने पक्ष में तर्क देने लगता है और जब गलती दूसरे की दिखाई देती है तो तुरंत न्यायाधीश बनकर निर्णय सुनाने लगता है।

इंसाफ के लिए खड़ा हो वही वकील श्रेष्ठ

आचार्य श्री ने कहा कि दुनिया में एक ऐसा पेशा है जिसमें लड़ने से पहले पढ़ना पड़ता है। एक अधिवक्ता केवल मुकदमा जीतने के लिए नहीं, बल्कि न्याय, लोगों के हित और समाज की रक्षा के लिए संघर्ष करता है। उन्होंने कहा कि अच्छा वकील वह नहीं जो केवल जीतने के लिए लड़े, बल्कि वह है जो इंसाफ के लिए खड़ा हो। गुरुदेव ने अधिवक्ताओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अनेक निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने और उन्हें उनके परिवारजनों से मिलाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कई निर्दोष पंछियों को आजादी दिलाने का कार्य भी यही अधिवक्ता करते हैं।

न्याय की आधारशिला बनाने का संदेश दिया

सम्मेलन के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं के मन में न्याय, जीवन और धर्म से जुड़े विभिन्न प्रश्न एवं जिज्ञासाएं थीं। उन्होंने अपनी जिज्ञासाएं गुरुदेव के समक्ष रखीं, जिनका गुरुदेव ने सहज एवं सारगर्भित समाधान प्रदान किया। कार्यक्रम ने अधिवक्ताओं को कानून के साथ नैतिकता, अंतरात्मा और मानवता को न्याय की आधारशिला बनाने का संदेश दिया।