मुनि श्री रचित विचित्र कहानियां पुस्तक का हुआ विमोचन : प्रेरणादायक कहानियाँ समाज में नैतिकता, संस्कार और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण

नगर में आध्यात्मिक एवं साहित्यिक वातावरण के बीच मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी द्वारा लिखित कृति 'विचित्र कहानियां' का भव्य विमोचन आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से हुआ। पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील कि यह खबर...
सलेहा। नगर में आध्यात्मिक एवं साहित्यिक वातावरण के बीच मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी द्वारा लिखित कृति 'विचित्र कहानियां' का भव्य विमोचन आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद, विधायक एवं जज सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में 'विचित्र बातें टीम' के सदस्यों ने विशेष भूमिका निभाते हुए इस कृति का विमोचन कराया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाजजनों ने मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी की इस साहित्यिक कृति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायक कहानियां समाज में नैतिकता, संस्कार और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज की भक्त मनाली पाटणी जी ने कहा कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने इस पावन अवसर को धर्म एवं साहित्य का अद्भुत संगम बताया।
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
गुरु पूर्णिमा पर उमंग महिला परिषद ने 150 विद्यार्थियों का किया निःशुल्क दंत परीक्षण : स्वास्थ्य जागरूकता के साथ विद्यार्थियों को बांटी उपयोगी सामग्री
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इंदौर में उमंग महिला परिषद ने सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता का आयोजन किया। शासकीय महाविद्यालय, रविंद्र नगर में करीब 150 विद्यार्थियों का निःशुल्क दंत परीक्षण किया गया। साथ ही स्वच्छता सामग्री, पुस्तकें, कॉपियां और अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की गई। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 2/8/2026, 11:32:26 am
चातुर्मास आत्मपरिवर्तन, संयम और पुण्य जागरण का महापर्व है : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज
कुण्डलपुर में चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला के दौरान मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने चातुर्मास को आत्मचिंतन, संयम और संस्कार जागरण का महापर्व बताया। उन्होंने अहिंसा, पिच्छी की महत्ता, कर्म सिद्धांत और आत्मकल्याण की साधना समझाते हुए श्रद्धालुओं से धर्ममय जीवन अपनाने का आह्वान किया। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 2/8/2026, 11:28:42 am


