जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में चल रहे 25 समवशरण महामंडल विधान का पांचवां दिन शनिवार को भक्ति, संगीत, दीप आराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर...
आगरा। जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में चल रहे 25 समवशरण महामंडल विधान का पांचवां दिन शनिवार को भक्ति, संगीत, दीप आराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी ससंघ के सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति, जयपुर हाउस के तत्वावधान में चल रहे इस महोत्सव में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। प्रातःकाल प्रभु के अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने गहन भक्तिभाव के साथ विधान की मांगलिक क्रियाओं में सहभागिता कर पुण्य अर्जित किया। विशेष रूप से 25 समवशरणों में विराजमान चक्रवर्ती परिवारों द्वारा विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो उठा। मंत्रोच्चार, घंटानाद और भक्ति की गूंज से पंडाल गुंजायमान रहा। इस अवसर पर बाहर से पधारे अतिथियों का आयोजक समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने विनम्र भाव से आशीर्वाद प्राप्त किया। चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन की भावपूर्ण प्रक्रिया ने उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का संदेश दिया।धर्म के गूढ़ तत्वों को सरलता से जाना
उपाध्यायश्री ने अपनी धर्मदेशना में समवशरण की आठ भूमियों का विस्तार से वर्णन कर धर्म के गूढ़ तत्वों को सरलता से समझाया। सायंकालीन सत्र में भक्ति का रंग और अधिक गहरा हो गया। शानू एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इसके बाद चक्रवर्ती परिवार द्वारा 1008 दीपकों से भव्य मंगल आरती का आयोजन किया गया। जो पूरे दिवस का मुख्य आकर्षण रहा। पुण्यार्जक परिवार नरेन्द्र जैन के निवास से आरती प्रस्थान हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं, अनुशासन और समाजजनों की सक्रिय भागीदारी इस महोत्सव को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही हैं। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।



