टीकमगढ़। मंगल विद्या निकेतन (छात्रावास) में आयोजित मंगल सम्यकत्व संस्कार शिविर के दौरान बच्चों के उत्साहवर्धन एवं उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए। शिविर में बच्चों को सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चारित्र के साथ संस्कार, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास तथा नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी गई। दैनिक कार्यक्रम में प्रार्थना एवं योग, जिनेंद्र प्रक्षाल एवं पूजन प्रशिक्षण, धार्मिक प्रवचन, कथा, अंग्रेजी एवं गणित की शिक्षा, जिनेंद्र भक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां की गईं।
सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी आवश्यक
पुरस्कार वितरण के अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों को उनकी लगन, अनुशासन, धार्मिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनमें संस्कार, सदाचार और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी आवश्यक है।
शिविर में आमंत्रित विद्वान पंडित रीतेश शास्त्री, सनावद एवं पंडित आगम शास्त्री, करहल के मार्गदर्शन में बच्चों को धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा प्रदान की गई।
बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलकी
कार्यक्रम का आयोजन मंगल विद्या निकेतन (छात्रावास), टीकमगढ़ द्वारा किया गया। शिविर श्री सीमंधर जिनालय (ज्ञान मंदिर) में आयोजित हुआ। आयोजन में श्री कुंदकुंद दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल ट्रस्ट, का सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा।
पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। आयोजकों ने कहा कि ऐसे संस्कार शिविर बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और धर्म-संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।




