इंदौर। तीर्थ स्वरूप श्री दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में मुनि पुंगव सुधा सागर जी के मुखारविंद से शनिवार को बीजाक्षर मंत्रों से श्री आदिनाथ भगवान के मस्तक पर शांति हुई। अपने कर कमलों से प्रथम शांतिधारा करने का सौभाग्य दिल्ली निवासी एवं दिगंबर जैन तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य अर्जित कर चुके श्रावक श्रेष्ठी परिवार के पियूष निमी जैन एवं करण, कवीर, कियान, कनिका एवं ईशा ने प्राप्त किया। द्वितीय शांतिधारा करने का पुण्य रविकुमार भूपेश जैन कोटा एवं प्रवीणा बेन अरविंद भाई दोषी सूरत ने प्राप्त किया।
इन समाजजन श्रेष्ठी की उपस्थिति रही
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश, ब्रह्मचारी पारस भैया, ब्रह्मचारिणी सविता दीदी, जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, कार्याध्यक्ष डॉ. जैनेंद्र जैन, वीरेंद्र जैन देवरी, सुधेस जैन गुरुजी, अखिलेश सोंधिया, पावन जैन, आजाद मामा, जिनेश जैन, नरेंद्र नायक, डीएल जैन आदि समाज श्रेष्ठी एवं बाहर से आए गुरु भक्त उपस्थित थे।





