सनावद। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा जैन मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य वर्धमान सागर पाठशाला के बच्चों द्वारा सामूहिक पूजन का आयोजन किया गया।
अभिषेक, मंगलाचरण और शांतिपाठ से शुरुआत
सन्मति जैन काका ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीजी के अभिषेक, मंगलाचरण एवं शांतिपाठ से हुआ। पाठशाला के बच्चों ने श्वेत वस्त्र धारण कर भगवान की अष्टद्रव्य से पूजा-अर्चना की।
बच्चों ने समझा पूजन का महत्व
प्रशांत चौधरी ने बताया कि बच्चों ने केवल पूजन ही नहीं किया, बल्कि पूजन विधि, मंत्रों के अर्थ और उनके महत्व को भी समझा। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही धर्म, संस्कार एवं पूजन-पद्धति से जोड़ना रहा।
जैन जगत की गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के 93वें अवतरण दिवस के अवसर पर माताजी के प्रति विशेष अर्घ्य भी समर्पित किया गया।
प्रभावना और स्वल्पाहार का सौभाग्य
पूजन के पुण्यार्जक तथा बच्चों को प्रभावना एवं स्वल्पाहार कराने का सौभाग्य राजकुमारी-कुसुम कुमार, हेमेंद्र-प्रियंका, सन्मति एवं गवाक्षी पंचोलिया काकाजी परिवार को प्राप्त हुआ।
समाजजनों ने किया उत्साहवर्धन
बच्चों के शुद्ध उच्चारण और भक्तिमय पूजन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। श्रावक-श्राविकाओं ने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में मयंक धनोते, निमिष जैन, अनुभव जैन, सोनू जैन बड़ूद, प्रतीक जैन, मनीष चौधरी, प्रवीण जैन, महिमा जैन, अंशुमा जैन, प्रगति जैन, खुशबू जैन, नेहा जैन, रितु जैन, गरिमा जैन, तृप्ति जैन, वर्षा जैन, अंशिता जैन, संध्या जैन, नूपुर जैन, प्रज्ञा धनोते एवं रानू जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : सन्मति जैन काका, सनावद





