इंदौर। नेमी नगर जैन कॉलोनी के घूंघट गार्डन स्थित सन्मति समवशरण में आचार्य श्री सुनीलसागरजी के सानिध्य में चल रहे इंद्रध्वज महामंडल विधान के तहत मंगलवार को धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुए। प्रातःकालीन धार्मिक क्रियाओं के साथ विधान की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार एवं अर्घ्य समर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विधान के दौरान पूजन की विभिन्न धार्मिक क्रियाओं के माध्यम से भगवान के गुणों का स्मरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म के मार्ग पर चलने, आत्मकल्याण करने तथा जीवन में सदाचार अपनाने का संकल्प लिया।

प्रवचन में धर्म और आत्मकल्याण का संदेश

प्रवचन के दौरान धर्म के वास्तविक स्वरूप, आत्मशुद्धि, संयम और सम्यक दर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि धार्मिक अनुष्ठानों की सार्थकता तभी है, जब उनके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए। पूजा-पाठ के साथ मन की निर्मलता, विचारों की पवित्रता और व्यवहार में विनम्रता भी आवश्यक है।

सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश मिला

इंद्रध्वज महामंडल विधान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आध्यात्मिक जागृति और जीवन को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देने वाला महापर्व है। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को अहिंसा, सत्य, संयम और त्याग जैसे जैन धर्म के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश मिला। धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति से सराबोर रहा।