जैन समाज के विरोध से पशु स्रोत वाले खाद पर रोक: विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने जताया था कड़ा विरोध

कृषि मंत्रालय ने 13 अगस्त को जारी उस गजट नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। इसमें पशुओं के चमड़े, मांस और हड्डियों से बने खाद के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के विरोध के चलते इस पर रोक लगा दी है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर...
इंदौर। कृषि मंत्रालय ने 13 अगस्त को जारी उस गजट नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। इसमें पशुओं के चमड़े, मांस और हड्डियों से बने खाद के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने सरकार के गजट नोटिफिकेशन का कड़ा विरोध करते हुए समग्र समाज, जो शाकाहार में विश्वास करती है के विरोध के कारण सरकार के नए ऑर्डर में पशु स्रोत वाले बायोस्टिमुलेंट (खाद) के मैन्युफैक्चर, बिक्री के लिए आयात, बिक्री के लिए प्रस्ताव, स्टॉक और प्रदर्शन पर स्थगन आदेश दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इससे पहले सरकार ने 13 अगस्त को गजट नोटिफिकेशन जारी कर 1985 के फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन कर स्लाटर हाउस से निकले अवशेष से बनने वाले खाद को देश के खेतों में इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
प्रतिक्रिया व्यक्त करेंShare your reaction
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
24 प्रकार के परिग्रह का त्याग करना ही आकिंचन धर्म : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म सभा में दिए रहस्य मय संदेश
चौबीस प्रकार के परिग्रह का त्याग करना ही आकिंचन धर्म है। मैं अकेला हूं, मेरा कुछ नहीं है। यही आकिंचन धर्म का संदेश है। यह संदेश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दंग की नसिया के आचार्य श्री धर्मसागर सभागृह में दिए। सीकर से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की यह रिपोर्ट...
सीकर • Shreephal Jain News • 24-09-2026, 07:42 pm
उत्तम आकिंचन्य धर्म से भीतर के ‘मेरेपन’ को त्यागें : आचार्य श्री सुनीलसागर जी ने कराया सभी को आत्मस्वरूप का बोध
दशलक्षण महापर्व के नवें दिन नेमिनगर जैन कॉलोनी में उत्तम आकिंचन्य धर्म की आराधना श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। दशलक्षण महापर्व के नवें दिन गुरुदेव ने श्रावकों को संदेश दिए। इंदौर से पढ़िए, आर्यिका संपूर्णमति माताजी की कलम से यह खबर...
इंदौर • Shreephal Jain News • 24-09-2026, 06:08 pm



