वीरभूमि झांसी महानगर के मेडिकल कॉलेज गेट नं 2 के सामने स्थित श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सांवलिया पार्श्वनाथ करगुंवाजी में मुनिश्री विश्वमित्रसागरजी महाराज के मंगल सान्निध्य में मुनिश्री विष्णुसागरजी महाराज की समाधि 16 फरवरी सोमवार को हो गई हैं। इंदौर से पढ़िए, यह खबर...
इंदौर। वीरभूमि झांसी महानगर के मेडिकल कॉलेज गेट नं 2 के सामने स्थित श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सांवलिया पार्श्वनाथ करगुंवाजी में मुनिश्री विश्वमित्रसागरजी महाराज के मंगल सान्निध्य में मुनिश्री विष्णुसागरजी महाराज की समाधि 16 फरवरी सोमवार को हो गई है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि क्षपकराज मुनिश्री विष्णुसागर जी का गृहस्थ जीवन का नाम विष्णुकुमार जैन था। जो अजितकुमार जैन, प्रदीप जैन आदित्य (पूर्व केंद्रीय मंत्री), अनिल जैन के पिताजी थे। जिन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय में संसार को क्षणभंगुर मानकर अन्नजल एवं गृह त्याग करके संल्लेखना धारण की। परम सौभाग्य से विहाररत मुनिश्री विश्वमित्रसागरजी महाराज का करगुँवाजी क्षेत्र पर आगमन हुआ। जिनके पावन कर कमलों से अंतिम समय में उन्होंने जैनेश्वरी मुनि दीक्षा को धारण करके अपने जीवन कल्याण किया।समाजजनों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की 

जिनकी अंतिम डोला यात्रा सोमवार को दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सांवलिया पार्श्वनाथ करगुंवाजी झांसी में निकाली गई। यह समाचार जानकर भारत वर्षीय जैन समाज में शोक की खबर इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेंद्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, हंसमुख गांधी, आजाद जैन, टीके वेद, सुशील पांड्या, नरेंद्र वेद एवं फेडरेशन की शिरोमणि संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, मुक्ता जैन आदि ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अंत समय में समाधि मरण प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य कर लिया।