मुरैना। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में वार्षिक महामस्तकाभिषेक महोत्सव हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। ज्ञानतीर्थ महाआराधक परिवार द्वारा आयोजित महोत्सव में आचार्य श्री 108 उदारसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 उपशांतसागर जी महाराज ससंघ का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।
54 फुट ऊंची कृत्रिम पहाड़ी पर विराजमान भगवान आदिनाथ का श्रद्धालुओं ने चांदी के कलशों से महामस्तकाभिषेक किया। आगरा, ग्वालियर, जौरा, बानमोर, धौलपुर और अंबाह सहित विभिन्न स्थानों से आए साधर्मी बंधुओं ने आयोजन में सहभागिता की।
चित्र अनावरण और पाद प्रक्षालन से शुरुआत
समारोह का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। समाधिस्थ सराकोद्धारक आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री उदारसागर जी महाराज एवं मुनि श्री उपशांतसागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए।
दूसरों की कमियां नहीं, अपने अवगुण देखें
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री उदारसागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के अनुयायी होने पर केवल गर्व करना पर्याप्त नहीं है; उनके सिद्धांतों को आचरण में उतारना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन के मैल को दूर कर उसे निर्मल बनाने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों की कमियां खोजने के बजाय आत्मनिरीक्षण कर अपने अवगुणों को पहचानना और दूर करना ही जीवन में वास्तविक सुधार का मार्ग है।
ज्ञानतीर्थ की धरोहर के संरक्षण का आह्वान
मुनि श्री उपशांतसागर जी महाराज ने कहा कि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज ने ज्ञानतीर्थ के रूप में नगरवासियों को अनुपम धरोहर दी है। सभी साधर्मी बंधुओं का दायित्व है कि वे आपसी सामंजस्य और एकजुटता के साथ इसकी रक्षा एवं विकास में सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि आचार्यश्री के संस्कार और आदर्श समाज को निरंतर दिशा देते रहेंगे। उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धा और विनय है।
कलशों से हुआ महामस्तकाभिषेक
प्रतिष्ठाचार्य पंडित संजय शास्त्री, सिहोनिया के निर्देशन में धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। आचार्यश्री एवं मुनिश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य चेतराम राहुल जैन को तथा शास्त्र भेंट का सौभाग्य वीरेंद्रकुमार आकाश जैन को प्राप्त हुआ।
महामस्तकाभिषेक का प्रथम कलश प्रेमचंद पंकज जैन एवं वंदना साड़ी परिवार ने अर्पित किया। शांतिधारा का सौभाग्य सुरेशचंद सुनीत जैन, पलपुरा तथा प्रेमलता ललित जैन को मिला। सतीशचंद जैन, वीरेंद्रकुमार जैन एवं नवींकुमार जैन ने चार कलशों से भगवान आदिनाथ का महामस्तकाभिषेक किया।
जिनालय निर्माण के लिए सहयोग की घोषणा
महोत्सव के दौरान महेशचंद्र बंगाली एवं राहुल जैन, अजहेड़ा परिवार ने ज्ञानतीर्थ में निर्माणाधीन जिनालय के लिए एकमुश्त राशि का सहयोग देने की घोषणा की। आयोजन के समापन पर अतिथियों एवं साधर्मी बंधुओं का सम्मान किया गया तथा वात्सल्य भोज आयोजित हुआ।
श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना





