महरौनी (ललितपुर)। संत लॉरेंस स्कूल में मुनि श्री 108 विकौशलसागर जी महाराज के मंगल प्रवचन आयोजित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के फादर अलेक्जेंडर सर ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर किया।

मुनिश्री ने विद्यार्थियों को सदाचार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है।

पंच सिद्धांतों का बताया महत्व

मुनि श्री ने सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य जैसे सिद्धांतों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है।

उन्होंने सभी जीवों के प्रति दया एवं करुणा रखने तथा शाकाहारी जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नैतिक शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से बेटियों के सम्मान, उनकी शिक्षा और समान अवसरों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

मुनिश्री की प्रेरणादायी वाणी से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच विकसित करने और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की सीख मिली।

समाज और विद्यालय परिवार की सहभागिता

कार्यक्रम में फादर अलेक्जेंडर सर, भूपेंद्र सिंह, बलबंत सिंह, समीम खां, ऋषभ, अभिषेक खरे, प्रेरणा, रेणु ग्रेसी सहित विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।

जैन समाज के अध्यक्ष पवन मोदी, उपाध्यक्ष अंकित चौधरी, यशोदय महिला मंडल की अध्यक्ष रश्मि मलैया, श्री शांतिनाथ महिला मंडल से शोभा भाईजी, अर्चना बिलौआ एवं प्रीति सिंघई ने सहभागिता की। विराग कौशल युवा मंच की ओर से गौरव कठरया, आशीष बडकुल, नितिन सतभैया, आकर्ष बडकुल, प्रथम सिंघई, सतेंद्र मैगुवा, चेतन बाजा, सतीश गुढ़ा, सुनील जैन एवं अनुभव डोगरा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रियंक बाजा ने किया तथा उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, स्टाफ और उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रीफल साथी : राजीव सिंघई