सोलापुर। वर्तमान समय में युवा पीढ़ी पाश्चात्य सभ्यता की चकाचौंध में अपने भारतीय संस्कारों से विमुख होती जा रही है। भारत देश में धर्म, गुरु, माता-पिता एवं जीवन-मूल्यों आदि का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सुप्रभसागर जी के सानिध्य में सोलापुर में रविवार को जैन-जी मीट 2026 का आयोजन किया गया था। देश भर में युवाओं का विकास और उन्हें एक मंच पर लाने के लिए विभिन्न राज्य, शहरों तथा नगर से 50 युवा धर्म प्रभावक सोलापुर में आए थे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. चंदन शहा, डॉ. सिद्धांत गांधी, सृष्टि डांगरे, अमित शहा ने दीप प्रज्वलन से किया। सोलापुर के ऊर्जावान युवा भावेश शहा, आगम जैन (उ.प्र.) एवं संपूर्ण जैन-जी मीट 2026 टीम सोलापुर ने आयोजन को सफल बनाया।
हू आईएम व्हेन द कैमरा इस ऑफ
मुनि श्री सुप्रभसागर जी ने युवाओं से कहा कि कंटेंट क्रिएशन के साथ कैरेक्टर क्रिएशन सीखो। कंटेंट जैन धर्म से जुडा हो। जैनत्व को हम प्रेसेंट कर रहे हैं। मात्र रील लाइफ के लिए नहीं, रियल लाइफ के लिए हो। वर्तमान में युवा ट्रेंडिंग में जीने के लिए ट्रेंड में कम और टेंशन में ज्यादा हैं। एज ए जैन दूसरे के पेज एवं दूसरे के कंटेंट से जैलेसी करना बंद करें। शेयरिंग इस कैरिंग। अपने साथ-साथ अपने अन्य मित्र एवं सभी छोटे-छोटे पेजेस को भी सपोर्ट कीजिए। सोशल मीडिया आपको डिस्टर्ब कम डवलप ज्यादा करता हैं। हमें हर पल याद रखना चाहिए कि हू आईएम व्हेन द कैमरा इस ऑफ।
गुरु भक्तों के प्रश्नों का किया समाधान
दिल्ली से पधारे मार्गदर्शक पियूष जैन ने धर्म प्रभावकों को मार्गदर्शन करते हुए कहा कि-प्रभावक के बिना प्रभावना नहीं हैं। जैन इतिहास को जानना बहुत जरूरी हैं। अपने पुरातत्व को जानेंगे तो हम अपने आपको गौरवान्वित होंगे। कनेक्टिव्ह वर्क करें और एक ग्लोबल व्हॉइस बने। जग भर में जैन सिद्धांत को जन जन तक पहुंचाएं। शंका समाधान प्रोग्राम में अभिषेक पाटील, प्रणिता पाटील, सुरभि जैन, संयुक्ता जोहरापुरकर, सर्वाेदय जोहरापुरकर और प्रणव रायबागकर एवं धर्म प्रभावक के पूछे गए प्रश्नों का समाधान मुनि श्री सुप्रभ सागर जी ने किया।



