इंदौर। दिगंबर जैन समाज के पर्युषण एवं दशलक्षण महापर्व के छठे दिन 21 सितंबर को उत्तम संयम धर्म के अवसर पर सुगंध दशमी (धूप दशमी) का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के विभिन्न जिनालयों में मंडल विधान, धार्मिक झांकियां और विशेष सजावट की जाएगी।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि नगर के करीब 140 जिनालयों में जैन धर्म एवं संस्कृति पर आधारित मंडल विधान और झांकियों की आकर्षक रचनाएं तैयार की जाएंगी। इनके माध्यम से दशलक्षण धर्म के सिद्धांतों और महत्व को प्रस्तुत किया जाएगा।
मंडल विधान की रचना से सजेंगे जिनालय
सुगंध दशमी के अवसर पर विभिन्न जिनालयों में मंडल विधान की विशेष रचना की जाएगी। युवा मंडलों द्वारा धार्मिक झांकियों के माध्यम से प्रमुख जैन तीर्थों, धर्म-सिद्धांतों और जैन संस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए ये झांकियां केवल आकर्षण का केंद्र ही नहीं, बल्कि जैन धर्म और तीर्थों से नई पीढ़ी को परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगी।
बहुमूल्य धार्मिक कृतियों के भी होंगे दर्शन
सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा एवं महामंत्री हर्ष जैन ने बताया कि नगर के जिनालयों में आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी। कई जिनालयों में सुरक्षित बहुमूल्य धार्मिक वस्तुओं एवं विशिष्ट कृतियों को भी समाजजनों के दर्शनार्थ प्रदर्शित किया जाएगा।
परिवार सहित जिनालयों के दर्शन को निकलेंगे श्रद्धालु
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि सुगंध दशमी पर जैन धर्मावलंबियों में अधिक से अधिक जिनालयों के दर्शन करने की परंपरा है। श्रद्धालु विशेष पारंपरिक वेशभूषा में परिवार के साथ विभिन्न जिनालयों के दर्शन के लिए निकलेंगे।
इस दौरान शहर के प्रमुख जैन मंदिरों में देर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही रहेगी और मंडल विधान, झांकियां तथा विद्युत सज्जा आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
उत्तम संयम धर्म की होगी आराधना
दशलक्षण महापर्व के छठे दिन श्रद्धालु उत्तम संयम धर्म की आराधना करेंगे। जिनालयों में पूजन, स्वाध्याय और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सुगंध दशमी पर धूप अर्पित कर आत्मशुद्धि और कषायों को शांत करने की भावना की जाएगी।





