इंदौर। प्रेस्टीज उद्योग एवं शैक्षणिक समूह के संस्थापक, प्रख्यात टेक्नोक्रेट, उद्योगपति एवं समाजसेवी पद्मश्री डॉ. नेम नाथ जैन (एन.एन. जैन) का आयुष्य पूर्ण कर कालधर्म हो गया। उनके देहावसान का समाचार मिलते ही उद्योग जगत, शिक्षा जगत एवं जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि डॉ. जैन जैन समाज के गौरव और धार्मिक प्रवृत्ति के श्रेष्ठ श्रावक थे। उनकी सरलता, विनम्रता और परोपकार की भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
सोयाबीन क्रांति के जनक रहे डॉ. एन.एन. जैन
डॉ. जैन को ‘सोया मैन ऑफ इंडिया’ और ‘सोया मैन ऑफ द मिलेनियम’ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने लगभग छह दशकों तक मालवा-निमाड़ क्षेत्र के किसानों के हित में कार्य किया।
वर्ष 1980 के दशक में जब मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती नई थी, तब उन्होंने किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और निर्यात की संभावनाओं से जोड़ा। उनके प्रयासों से भारत के नॉन-जीएमओ सोयामील को विश्व बाजार में पहचान मिली तथा किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 1983 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति एम. हिदायतुल्ला द्वारा ‘उद्योग भूषण’ और वर्ष 1987 में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह द्वारा ‘उद्योग विभूषण’ से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया।
शिक्षा को बनाया समाजसेवा का माध्यम
उद्योग के साथ डॉ. जैन ने शिक्षा को समाजसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। वर्ष 1994 में प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पीआईएमआर) की स्थापना के साथ शुरू हुई उनकी शैक्षणिक यात्रा आज प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के रूप में इंदौर, ग्वालियर, देवास सहित कई शहरों में 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रही है।
उनकी दूरदृष्टि से इंदौर-उज्जैन रोड स्थित प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी का स्वप्न भी साकार हो रहा है। वे सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अध्यक्ष भी रहे तथा वर्ष 1987 के भीषण अकाल के दौरान गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया।
जैन समाज की अपूरणीय क्षति
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने इसे जैन समाज की अपूरणीय क्षति बताया। डॉ. एन.एन. जैन के परिवार में उनके पुत्र डॉ. दविश जैन, प्रेस्टीज समूह के अध्यक्ष, सहित पौत्र-पौत्रियां इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले
महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा, नवीन गोधा, मनोहर झांझरी, हंसमुख गांधी, आजाद जैन, टी.के. वेद, कांतिलाल बम, अशोक मेहता, अनुरोध जैन, स्वप्निल कोठारी, फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन एवं रेखा जैन सहित अनेक समाजजनों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभी ने दिवंगत पुण्यात्मा की सद्गति तथा शोकसंतप्त परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
श्रीफल साथी : राजेश जैन दद्दू





