इंदौर। दलाल बाग स्थित सुधामय सभागार में मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज का 44वां दीक्षा दिवस गुरु कृपा एवं उपकार दिवस के रूप में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में देशभर से पहुंचे गुरु भक्तों ने महापूजा की तथा महिला मंडलों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत मुख्य अतिथि तथा उदयपुर के नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजस्थान से 25 बसों में पहुंचे श्रद्धालुओं के दल को गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

दीक्षा जीवनभर रहने वाला संस्कार है : राज्यपाल

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि दीक्षा ऐसा संस्कार है, जो जीवनभर साथ रहता है। उन्होंने मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के त्याग, तपस्या और कठिन चर्या को राष्ट्र निर्माण की भावना से जुड़ा बताया।

उन्होंने कहा कि मुनिश्री के मार्गदर्शन में गौशालाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार शिविरों तथा तीर्थोद्धार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर समिति पदाधिकारियों ने पीतवस्त्र, तिलक, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर राज्यपाल का सम्मान किया।

अच्छे-बुरे का निर्णय स्वयं करें : मुनिश्री

प्रातःकाल दलाल बाग मैदान में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने कहा कि जगत में क्या अच्छा है और क्या बुरा, इसका निर्णय व्यक्ति को अपनी आत्मा के विवेक से करना चाहिए। जो हेय है, उसे छोड़ना और जो उपादेय है, उसे अपनाना ही सही निर्णय है।

उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ कुल, योग्यता और अनुकूल अवसर मिलने के बाद भी यदि व्यक्ति वैराग्य एवं सदाचार के पथ से पीछे हटता है, तो यह उसकी अपनी कमी है। हर व्यक्ति को अपने घर, समाज और देश के लिए श्रेष्ठ नागरिक बनने का संकल्प लेना चाहिए। दृढ़ संकल्प के साथ किया गया पुरुषार्थ सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

44 वर्ष की तप-साधना को नमन

मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के त्याग और तपस्या के 44 वर्ष समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके आशीर्वाद से अनेक तीर्थ क्षेत्रों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार हो रहा है।

प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने कहा कि मुनिश्री ने भारतवर्षीय जैन समाज को धर्म प्रभावना, तीर्थोद्धार और संस्कारों के क्षेत्र में निरंतर दिशा दी है। क्षुल्लक गंभीरसागर जी महाराज ने भी मुनिश्री के प्रभावक कार्यों और जिनप्रतिमाओं के संरक्षण-प्रकाशन से जुड़ी प्रेरक यात्राओं का उल्लेख किया।

चातुर्मास स्मारिका का विमोचन

मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के अशोकनगर में हुए ऐतिहासिक चातुर्मास की स्मारिका का विमोचन राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मनीष गोधा, नवीन आनंद गोधा, राकेश कासल, राकेश अमरोद, सुनील अखाई, राजेंद्र अमन, विजय धुर्रा, शैलेंद्र श्रागर, अरविंद कचनार, शालू गौरव भारत, संजीव श्रागर सहित अतिथियों ने जयकारों के बीच किया।

अशोक सेठी, ज्ञानोदय तीर्थ के उपाध्यक्ष सुमनजी दगड़, ब्यावर जैन समाज तथा अशोकनगर जैन समाज की ओर से दैनिक नईदुनिया, दैनिक पत्रिका और हरिभूमि के 44वें दीक्षा दिवस विशेषांकों का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में सहभागिता

समारोह में धर्म प्रभावना समिति अध्यक्ष नवीन आनंद गोधा, महोत्सव अध्यक्ष अशोक-रानी डोशी, स्वागत अध्यक्ष संजय सामरिया, धर्मेंद्र समकेम, महामंत्री हर्ष जैन, कोषाध्यक्ष आकाश कोल एवं मंत्री अक्षय कासलीवाल सहित अनेक पदाधिकारी, महिला मंडल एवं देशभर से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीफल साथी : राजीव सिंघई, इंदौर