इंदौर। जैन मंदिरों, अतिशय क्षेत्रों और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ, दिगंबर जैन सामाजिक संसद, पुलक जन चेतना मंच, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन, दिगंबर जैन महासमिति, दिगंबर जैन महासभा तथा सकल जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया।
प्रदर्शन में समाजजनों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंदिरों में चोरी, चोरी के प्रयास तथा धार्मिक ग्रंथों एवं प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाने की घटनाओं पर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन को इंटरनेशनल जैन फोरम और करणी सेना का समर्थन भी मिला।
विभिन्न घटनाओं पर जताया विरोध
ज्ञापन में इंदौर क्षेत्र के गोम्मटगिरि तीर्थ, श्री शीतलनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर द्वारकापुरी, मलयगिरि तीर्थ गांधी नगर और कल्पतरु जिनालय से जुड़े सुरक्षा संबंधी मामलों का उल्लेख किया गया।
संगठनों ने सेमलखेड़ी, सिरोंज स्थित तारणगिरि की गुफा की दीवार तोड़कर ग्रंथराज श्री अध्यात्मवाणी को क्षति पहुंचाने की घटना पर भी कड़ा विरोध जताया। इसके साथ ऋषि तीर्थ देवास रोड, श्री चंद्रनाथ जिनालय अंबिकापुर सहित अन्य धार्मिक स्थलों की घटनाओं का उल्लेख किया गया।
ज्ञापन में की गईं प्रमुख मांगें
सकल जैन समाज ने ज्ञापन के माध्यम से धार्मिक स्थलों से प्रतिमा चोरी, ग्रंथों को क्षति पहुंचाने और धार्मिक धरोहर को खंडित करने जैसे अपराधों के लिए कम से कम 20 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान करने की मांग की।
ज्ञापन में ऐसे अपराधों को गैर-जमानती श्रेणी में रखने, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, जैन मंदिरों एवं तीर्थों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाने तथा संगठित चोर गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग भी रखी गई।
एसआईटी और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
संगठनों ने लंबित मामलों की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने तथा प्रकरणों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की। साथ ही पुलिस प्रशासन से जांच, गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था की प्रगति की जानकारी समाज प्रतिनिधियों को समय-समय पर लिखित रूप से देने का आग्रह किया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के ठोस प्रबंध नहीं किए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




