आगरा। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर बगदा में 4 अक्टूबर को भव्य कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी महोत्सव हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव में सकल जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साह पूर्वक सहभागिता कर भगवान चंद्रप्रभ के पूजन एवं अभिषेक का धर्मलाभ लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर में निकाली गई जल यात्रा के साथ हुआ। श्रद्धालु धार्मिक ध्वजों के साथ जल यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद दोपहर एक बजे बैंड- बाजों के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा में श्रद्धालु भक्ति गीतों और भगवान के जयकारों के साथ शामिल हुए। रथयात्रा के मंदिर परिसर पहुंचने पर वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद मंदिर में विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ भगवान चंद्रप्रभ की प्रतिमा का भव्य कलशाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने विभिन्न कलशों से श्रीजी का अभिषेक कर सुख शांति, समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना की।इसके उपरांत भगवान की शांतिधारा की गई। शांतिधारा के दौरान मंदिर परिसर भगवान के जयकारों और धार्मिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। महोत्सव के दौरान आयोजित क्षमावाणी पर्व में समाज बंधुओं ने एक-दूसरे से वर्षभर में जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा याचना की। सभी ने मन में बैर-भाव समाप्त कर प्रेम, मैत्री, सद्भाव और आपसी भाईचारे के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से कहा मिच्छामि दुक्कड़म इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों, सदस्यों और समाजबंधुओं का विशेष सहयोग

महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भी धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। आयोजन के दौरान मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जिससे पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया।कार्यक्रम के समापन पर सायं वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में सकल जैन समाज बगदा एवं मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों, सदस्यों और समाजबंधुओं का विशेष सहयोग दिया। महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना के साथ क्षमावाणी पर्व की मूल भावना को आत्मसात करते हुए आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया।इस अवसर पर बगदा जैन समाज के लोग मौजूद रहे।