"देहरा-तिजारा। अतिशय क्षेत्र देहरा-तिजारा स्थित श्री चंद्र तीर्थ मंडपम् में परम पूज्य भावलिंगी संत दिगंबराचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज ससंघ के सान्निध्य में राष्ट्रीय विमर्श जागृति मंच का 10वां तथा जिनागम पंथी श्रावक संघ समूह भारत का राष्ट्रीय महाअधिवेशन श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

देशभर में संचालित दोनों संगठनों की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आचार्यश्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त कर आगामी धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन लिया।

प्रेम, वात्सल्य और मैत्री का मिलन

आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने कहा कि ये संस्थाएं केवल नाम नहीं, बल्कि समाज और परिवारों को एकता के सूत्र में बांधने तथा धार्मिक चेतना जागृत करने का माध्यम हैं। छह वर्षों के अंतराल के बाद बने इस अधिवेशन के संयोग को उन्होंने मंच का मिलन समारोह बताया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों को धार्मिक संस्कार और कुलाचार की शिक्षा देना आवश्यक है। प्रत्येक संस्था को बच्चों एवं बालिकाओं के लिए शिविर आयोजित कर जैन धर्म के मूल सिद्धांतों, संस्कारों और आचरण की शिक्षा देने का प्रयास करना चाहिए।

चार मुमुक्षुओं ने व्यक्त की जिनदीक्षा की भावना

अधिवेशन की तैयारियों के मध्य देहरा-तिजारा की पावन भूमि संयम की सुगंध से महक उठी। संघस्थ क्षुल्लक विश्वाग्र त्यागी जी, क्षुल्लिका विकर्षिता श्री माताजी, ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी, सहारनपुर तथा ब्रह्मचारिणी बबली दीदी, एटा ने आचार्यश्री के चरणों में भगवती जिनदीक्षा प्रदान करने का निवेदन किया।

अधिवेशन के दौरान ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी एवं ब्रह्मचारिणी बबली दीदी की मंगल गोद भराई का अनुष्ठान आचार्य संघ के सान्निध्य में संपन्न हुआ। आगामी समय में आचार्यश्री के करकमलों से इन मुमुक्षु आत्माओं को दीक्षा प्रदान किए जाने की भावनाएं व्यक्त की गईं।

दो सत्रों में हुआ अधिवेशन

4 अक्टूबर, रविवार को प्रातःकालीन सत्र में विभिन्न स्थानों से आए गुरुभक्तों ने आचार्यश्री की अष्टद्रव्यों से महामांगलिक पूजा-आराधना की। दोपहर 1:30 बजे द्वितीय सत्र में मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट के साथ अधिवेशन का शुभारंभ हुआ।

विभिन्न नगरों से आए शाखा अध्यक्षों ने विगत पांच वर्षों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए धार्मिक, सामाजिक, जनसेवा एवं लोककल्याण के कार्यों की जानकारी दी।

देशभर से पहुंची शाखाएं

राष्ट्रीय विमर्श जागृति मंच की स्थापना वर्ष 2007 में शिवपुरी, मध्यप्रदेश में हुई थी। मंच की शाखाएं अशोकनगर, शिवपुरी, आगरा, एटा, विजयनगर, भिंड, टीकमगढ़, जतारा, देवेन्द्रनगर, जबलपुर, हिंदवाड़ा, दुर्ग, महरौनी, बैरवार, बड़ौत, खतौरा एवं इंदार सहित अनेक नगरों से अधिवेशन में शामिल हुईं।

वर्ष 2022 में दिल्ली से प्रारंभ जिनागम पंथी श्रावक संघ की दिल्ली, मेरठ, बड़ौत, मोदीनगर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, एटा, सहारनपुर एवं शामली सहित विभिन्न शाखाओं के सदस्य भी उपस्थित रहे।

पत्रकार और अधिवक्ता की भूमिका पर जोर

आचार्यश्री ने कहा कि प्रत्येक जिले और मंच पर जैन समाज का पत्रकार एवं अधिवक्ता होना आवश्यक है, ताकि समाज की बात सशक्त रूप से रखी जा सके। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकार सोनल जैन, भिंड को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

देहरा-तिजारा प्रबंधकारिणी समिति एवं जैन समाज ने देशभर से पधारे अतिथियों का आत्मीय स्वागत-सम्मान किया। अधिवेशन प्रेम, वात्सल्य, मैत्री और धर्मप्रभावना का प्रेरक संगम बना।

श्रीफल साथी : सोनल जैन