बकस्वाहा। नगर में मिर्ची वाले के नाम से प्रसिद्ध जमुनाप्रसाद जैन (सुनवाहा वाले) का रात्रि में हृदयगति रुक जाने से आकस्मिक देह परिवर्तन हो गया। इस खबर से बकस्वाहा नगर ही नहीं अपितु आसपास के क्षेत्र की समाज में दुःख शोक छा गया। रविवार को उनके अंतिम संस्कार में सैकड़ों जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी सदस्य,महानुभावों ने नम आंखों से भावपूर्ण अंतिम विदाई देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
जमुनाप्रसाद जैन समर्पित सेवाओं, धर्म प्रभावना, तीर्थों के विकास में अग्रणी, देव शास्त्र गुरु के प्रति समर्पित, व्यक्तित्व थे। वे सहज, सरल, हंसमुख, वात्सल्य और स्नेह के साथ मिलनसार होने के कारण लोगों के हृदय में स्थान रखते थे। जैन तीर्थधाम सिद्धायतन द्रोणगिरि ट्रस्ट कमेटी के उपमंत्री थे। जो निरन्तर अपनी समर्पित सेवाएं देकर तीर्थ विकास में अग्रणी योगदान दे रहे थे। वहीं अनेक संस्था और संगठनों में पदाधिकारी तथा सदस्य के रूप में योगदान दे रहे थे। सबके प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखने वाले गंभीर व्यक्तित्व के धनी जमुना प्रसाद जैन के आकस्मिक देह परिवर्तन से सबका मन विचलित हो गया। सबके हृदय में अपार दुःख छा गया।
इन समाजजनों ने श्रद्धांजलि दी
जमुना प्रसाद के दुःखद देह परिवर्तन पर नैनागिरि कमेटी के सुरेश जैन आईएएस, राजेश रागी, सुरेश सिंघई, देवेन्द्र लुहारी, द्रोणगिरि कमेटी के सुनील घुवारा, सनत कुटौरा, राजेन्द्र कुली, संतोष गंज, गजेन्द्र मंडी सहित अनेक समाजसेवियों ने अपनी अश्रुपूरित भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित हुए शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख सहन की शक्ति प्रदान करने की भगवान से प्रार्थना करते हैं।
सिद्धायतन में हुई श्रद्धांजलि सभा
तीर्थधाम सिद्धायतन द्रोणगिरि के उप मंत्री जमना प्रसाद बकस्वाहा के अचानक देह वियोग के पर तीर्थधाम सिद्धायतन में श्रद्धांजलि सभा रखी गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष आलोक दाऊ, पंडित संभव शास्त्री, पंडित आशु शास्त्री, श्रीमती रेखा, मैंनेजर पंकज सहित सभी विद्यार्थी छात्र उपस्थित रहे। सभी ने समाधि मरण एवं बारह भावना का वाचन किया। जमना प्रसाद एक समर्पित कार्यकर्ता और आत्मार्थी थे। उनका असमय चले जाना बहुत दु:खद है। जिसकी पूर्ति संभव नहीं है। उनके देह वियोग पर शोक संदेश के माध्यम पंडित राजकुमार शास्त्री, पंडित पीयूष शास्त्री, पंडित रतन शास्त्री, ट्रस्ट के मंत्री प्रद्युम्न फौजदार, पूर्व अध्यक्ष विनोद डेवड़िया, डॉ गुलाबचंद , उदय सेठ, सेवक बड़ामलहरा ,संतोष भगवा, अरविंद, प्रमोद, नीलेश आदि के द्वारा स्कूल के प्राचार्य रोहित ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भावना भायी कि जन्म मरण का अभाव कर शीघ्र अभ्युदय को प्राप्त हों तथा परिजन तत्व ज्ञान के अवलंबन से धैर्य धारण करें ऐसी सभी ने कामना व्यक्त की।




