इंदौर। मानव जीवन को बचाने के लिए लाखों अस्पताल है परन्तु, क्या मानव द्वारा प्रताड़ित अथवा दुर्घटना में घायल पशु पक्षियों के लिए लाखों या हजारों भी नहीं मात्र सौ भी अच्छे चिकित्सालय है? हमारा जबाब नहीं ही होगा क्योंकि, सम्पूर्ण भारत वर्ष में कुल 13 अस्पताल हैं। ऐसे उसमें भी 2-3 में कुछ मशीनरी है। दया भावना फाउंडेशन के तहत संचालित आचार्य विद्यासागर गौ उपचार अस्पताल एवं भगवान श्री राम पक्षी अस्पताल का एक मात्र लक्ष्य है कि कोई भी पशु-पक्षी इलाज के अभाव में अपने प्राणों को न गंवाएं। यह प्रेरणादायी उद्बोधन आचार्य श्री विद्यासागर जी के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री अविचल सागर जी ने भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा के पदाधिकारियों को दिया।

गो एवं पक्षी अस्पताल के निर्माण का लक्ष्य
मुनि श्री वर्तमान में जैन तीर्थ श्री बनेडिया जी में चातुर्मास हेतु विराजमान हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत के प्रत्येक पशु और पक्षी को पूर्ण स्वस्थ होने तक उचित उपचार सुरक्षा और सेवा प्राप्त हो यही दया फाउंडेशन का मूल उद्देश्य है। एक ऐसा भारत जहां कोई भी जीव उपचार के अभाव में पीड़ा न सहे, जहां दया करुणा केवल भावना न होकर जीवन का व्यवहार बने। जीव दया सेवा और करुणा से निर्मित एक ऐसा पवित्र अभियान जो भारत भूमि में मानवी संवेदनाओं को पुनः जागृत करेगा। इसी शुभ संकल्पों को लेकर संपूर्ण भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 150-200 किमी के अंतराल में एक ऐसा सर्व सुविधायुक्त पशु-पक्षी अस्पताल हो इस भावना को ध्यान में रखते हुए 108 गौ एवं पक्षी अस्पताल के निर्माण का लक्ष्य लेकर हम चल रहे हैं।
दया भावना और करूणा का एक अद्भुत संगम
मुनि श्री ने कहा कि सेवा केवल कर्म नहीं एक साधना है। जब हम किसी मूक जीव के घाव पर मरहम लगाते हैं, तब हम ईश्वर के सबसे करीब होते हैं। भगवान महावीर और भगवान राम की शिक्षाओं से प्रेरित होकर यह अभियान उन सभी जीवो के लिए है जो अनंत काल से इस धरती पर विचरते आएं हैं। वे मृत्यु तुल्य पीड़ा से मुक्त होकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें। यह दया भावना और करूणा का एक अद्भुत संगम है, जो भारत भूमि की आत्मा को पुनः स्पंदित करेगा।
एक्स-रे और एम्बुलेंस की सुविधा
हमारा लक्ष्य है कि रोड़ से ही घायल पशु पक्षी का इलाज शुरू हो जाए ताकि उन्हें अस्पताल ले जाते हुए और अधिक नुकसान नहीं पहुंचे इस हेतु हमारे संसाधनों में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और एम्बुलेंस होगी जो घटनास्थल पर ही एक्स-रे लेकर प्राथमिक उपचार शुरू कर दें, ताकि जानकारी के अभाव में ऐसा देखा गया है कि गाय आदि पशुओं को घटनास्थल से अस्पताल तक लाने में उठाने उतारने में जो असावधानी की वजह से दो-चार फ्रेक्चर बढ़कर दो-तीन गुणा हो जाते थे उस पर रोक लगेगी।
7500 पशु-पक्षी का इलाज किया
मुनि श्री ने बताया कि अभी तक हमने अशोकनगर, झांसी, दतीया, ललितपुर स्थान पर 4 अस्पताल कम्पलिट कर चुके हैं और लगभग 10 पर काम शुरू हो रहा है इस तरह इस वर्ष लगभग 25 अस्पताल का लक्ष्य है। अब तक इन अस्पतालों में लगभग 7500 पशु-पक्षी का इलाज किया जा चुका है।
अस्पताल के पास 10 गौशाला अटेच रहेगी
ये अस्पताल एक्स-रे, पोर्टेबल एक्स-रे, हेंगीग मशीन आदि सुविधाओं से युक्त रहेंगे। इस अभियान को लेकर मुख्यमंत्री श्री योगी जी के माध्यम से 5 एकड़ भूमि 25 अस्पतालों के लिए स्वीकृत हो गई है। 2 एकड़ में हमारे अस्पताल होंगे और 3 एकड़ में गौशाला बनाकर देंगे। एक अस्पताल के पास 10 गौशाला अटेच रहेगी ताकि उपचार के बाद भी उनके रहने का आशियाना उपलब्ध होगा। यह पूरा अभियान भारतीय संस्कृति के लिए समर्पित दानदाताओं के माध्यम से साकार हो रहा है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में सहयोगी बने यही मंगल प्रेरणा है।



