धरियावद। आचार्य कल्प पुण्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में बुधवार को जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस, मोक्ष सप्तमी, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। वर्षायोग स्थल महावीर वाटिका स्थित पुण्य सागर सभागार में तीर्थराज सम्मेद शिखर जी की कृत्रिम स्वर्ण भद्र कूट की रचना की गई।
23 किलो का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया
मोक्ष कल्याणक दिवस के अवसर पर भक्तिभाव से भगवान पार्श्वनाथ को 23 किलोग्राम वजनी निर्वाण लाड़ू समर्पित किया गया। यह सौभाग्य भागचंद चूड़ीवाल, निवासी गुवाहाटी परिवार को प्राप्त हुआ। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने 108 छोटे निर्वाण लाड़ू भी अर्पित किए।
संघर्षों में समता का संदेश
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य कल्प पुण्य सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ के जीवन में अनेक संघर्ष आए, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने समता और धैर्य बनाए रखा। इसी दृढ़ता के परिणामस्वरूप उन्होंने केवलज्ञान प्राप्त किया और आज वे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं।
आचार्यश्री ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ का जीवन हमें संघर्षों से घबराने के बजाय समता और धैर्य के साथ उनका सामना करने की प्रेरणा देता है। जो व्यक्ति संघर्षों से नहीं घबराता और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहता है, वही अंततः अपनी मंजिल प्राप्त करता है।
क्षमा की प्रतिमूर्ति थे भगवान पार्श्वनाथ
आचार्य पुण्य सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ के जीव की पूर्व पर्याय में कमठ के जीव ने दस भवों तक उपसर्ग किया, लेकिन भगवान के जीव ने कभी प्रतिकार नहीं किया। उन्होंने समतापूर्वक उपसर्गों को सहन किया और अंततः उपसर्ग विजेता बने।
उन्होंने कहा कि लगभग तीन हजार वर्ष पूर्व तीर्थराज सम्मेद शिखर जी के स्वर्ण भद्र कूट से भगवान पार्श्वनाथ ने मोक्ष पद प्राप्त किया। आज भारतवर्ष में अनेक स्थानों पर भगवान पार्श्वनाथ के अतिशययुक्त मंदिर श्रद्धा के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
पाद प्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट
धर्मसभा में दिलीप कुमार एवं हितेश कुमार डागरिया परिवार को आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन तथा जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
भक्तामर विधान में 16 परिवारों ने की पूजा
महावीर वाटिका में आचार्य संघ के सान्निध्य में 48 दिवसीय भक्तामर विधान का आयोजन चल रहा है। विधान के 19वें दिन प्रतिष्ठा चंद्रिका बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी 'बिगुल' के निर्देशन में 16 पुण्यार्जक परिवारों ने श्रद्धाभक्ति के साथ पूजा-अर्चना कर पुण्यार्जन किया।
महावीर मंदिर में भी चढ़ा निर्वाण लाड़ू
महावीर वाटिका के आयोजन से पूर्व नगर स्थित श्री दिगंबर जैन महावीर स्वामी मंदिर में भी भगवान पार्श्वनाथ को निर्वाण लाड़ू समर्पित किया गया। इसका सौभाग्य राजमल पटवा परिवार को प्राप्त हुआ। धार्मिक मान्यता के अनुसार मोक्ष सप्तमी के दिन भगवान पार्श्वनाथ ने सम्मेद शिखर जी के स्वर्णभद्र कूट से निर्वाण पद प्राप्त किया था।
लाल मंदिर में भी हुआ मोक्ष कल्याणक
धरियावद के समीपवर्ती पारेल ग्राम स्थित मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान के लाल मंदिर में भी मोक्ष कल्याणक दिवस श्रद्धाभक्ति से मनाया गया। यहां चंद्र प्रकाश बोहरा परिवार ने निर्वाण लाड़ू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया। इस अवसर पर उप जिला प्रमुख सागर मल बोहरा, महावीर भंवरा, चेतन कलावत, रंगलाल कलावत, प्रदीप अणदावत सहित अन्य श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।


