तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ जी का गर्भ कल्याणक मनाया: गुरु भक्त, श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धा-भक्ति और आस्था से आराधना की

नगर में मंगलवार से अष्टाह्निका पर्व की शुरूआत हुई। स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ जी का गर्भ कल्याणक मनाया। इस अवसर पर तृतीय पट्टाचार्य धर्मसागर जी महाराज का 58वां आचार्य पदारोहण भी मनाया गया। धामनोद से पढ़िए, यह दीपक प्रधान की यह रिपोर्ट...
धामनोद। नगर में मंगलवार से अष्टाह्निका पर्व की शुरूआत हुई। स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ जी का गर्भ कल्याणक मनाया। इस अवसर पर तृतीय पट्टाचार्य धर्मसागर जी महाराज का 58वां आचार्य पदारोहण भी मनाया गया। साथ ही उनके शिष्य आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज का 58वां दीक्षा दिवस पर नगर में गुरु भक्त, श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धा-भक्ति और आस्था से आराधना की। इस अवसर पर सभी समाजजनों ने गुरु चरणों में श्रीफल और अर्घ्य समर्पित कर वंदना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैन मंदिर में अष्टानिका पर्व की शुरुआत और तीसरे तीर्थंकर भगवान श्रावस्ती वाले श्री संभवनाथ जी का गर्भ कल्याणक भक्तिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मंगलवार को तृतीय’पट्टाचार्य श्री धर्मसागरजी का 58 आचार्य पदारोहण पर भी गुरु पूजन किया गया। आचार्य वर्धमान सागरजी के 58दीक्षा दिवस मंदिर में श्रावक-श्राविकाओं ने गुरु चरणों में श्रीफल अर्पित किए और अर्घ्य चढ़ाए।
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