इंदौर। दशलक्षण महापर्व के अवसर पर भारतीय इतिहास, जैन शौर्य और राष्ट्र निर्माण में जैन समाज के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से ‘भारत निर्माण में जैन योगदान’ विषय पर भव्य एवं ओजस्वी डिजिटल नाट्य मंचन का आयोजन किया जाएगा।
दिगंबर जैन महासमिति की जूनियर महिला इकाई द्वारा यह प्रस्तुति 18 सितंबर 2026 को रात्रि 8 बजे सन्मति समवशरण, घूंघट गार्डन, नेमीनगर, इंदौर में दी जाएगी।
इतिहास के अनसुने प्रसंगों से उठेगा पर्दा
आयुषी बाकलीवाल ने बताया कि डिजिटल नाट्य मंचन के माध्यम से दर्शकों के सामने इतिहास से जुड़े कई रोचक प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें भारत नाम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विदेशी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष में जैन महिलाओं के योगदान और सिद्धांतों के लिए सत्ता को चुनौती देने वाले जैन श्रावकों से जुड़े प्रसंगों को नाटकीय स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से सजीव होगी जैन शौर्य की गाथा
कार्यक्रम की विशेषता पारंपरिक नाट्य मंचन के साथ डिजिटल तकनीक का संयोजन होगा। इतिहास के प्रसंगों को आधुनिक रंगों एवं प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से इस तरह मंचित करने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चे और युवा भी जैन समाज के ऐतिहासिक योगदान को सहजता से जान और समझ सकें।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रयास
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य मनोरंजन तक सीमित नहीं है। डिजिटल नाट्य मंचन के माध्यम से नई पीढ़ी को जैन इतिहास, संस्कृति, शौर्य, सिद्धांत और राष्ट्र निर्माण में समाज के योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
दिगंबर जैन महासमिति, जूनियर महिला इकाई ने समाजजनों को सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।




