आगरा। निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला से श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, ताजगंज में मुनि श्री 108 समत्वसागर जी महाराज, मुनि श्री 108 शीलसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 सुप्रभातसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ।

ताजगंज जैन समाज ने मुनिसंघ का जयकारों के साथ स्वागत किया। धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य विरागसागर जी महाराज के चित्र अनावरण से हुआ। इसके पश्चात समाजजनों ने मुनिसंघ का पाद प्रक्षालन किया।

शांतिधारा, प्रवचन और आहारचर्या

मंदिर आगमन के बाद मुनिसंघ के मुखारविंद से शांतिधारा संपन्न हुई। इसके पश्चात धर्मसभा में प्रवचन हुआ तथा आहारचर्या संपन्न हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

लक्ष्य को साध्य बनाने की प्रेरणा

मुनि समत्वसागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में लक्ष्य बनाना और उसे साध्य बनाना दो अलग बातें हैं। लक्ष्य केवल कल्पना या इच्छा नहीं होना चाहिए; उसके स्वरूप, लक्षण और प्राप्ति के मार्ग का सही ज्ञान आवश्यक है। जब लक्ष्य को साध्य के रूप में स्थापित कर उसके लिए पुरुषार्थ किया जाता है, तभी वह प्राप्त हो सकता है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन के उद्देश्य को समझकर विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। अधूरे ज्ञान के साथ बनाए गए लक्ष्य समय के साथ बदल जाते हैं, जबकि सही समझ के साथ तय किया गया साध्य जीवन को दिशा देता है।

इच्छाओं की पूर्ति शांति नहीं

मुनिश्री ने कहा कि इच्छाओं की पूर्ति को शांति मान लेना भ्रम है। दिनभर भौतिक उपलब्धियों के लिए दौड़ते रहने के बाद थकान से मिला विश्राम वास्तविक शांति नहीं है। वास्तविक शांति तब प्राप्त होती है, जब अंतर्मन में इच्छाओं का वेग समाप्त होने लगे और जीव आकुलता-व्याकुलता से मुक्त हो।

उन्होंने कहा कि हर जीव आनंद और शांति चाहता है, किंतु पहले यह जानना आवश्यक है कि सच्ची शांति क्या है। ज्ञानियों का मार्ग अज्ञान को दूर कर आत्मा को इच्छा-रहितता और आंतरिक शांति की दिशा में ले जाता है।

कार्यक्रम में सहभागिता

इस अवसर पर संजय कुमार जैन अध्यक्ष, संजय बाबू जैन मंत्री, विजय कुमार जैन कोषाध्यक्ष, विनय जैन, योगेश जैन, उत्सव जैन, अरिहंत, तनीश, पार्थ, रुद्राक्ष, अनुज, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, समस्त मंडल एवं सकल जैन समाज उपस्थित रहा।

श्रीफल साथी : राहुल जैन, आगरा