आगरा। ओल्ड ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में मुनि श्री 108 समत्वसागर जी महाराज, मुनि श्री 108 शीलसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 सुप्रभातसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित पांच दिवसीय श्री जिन सहस्रनाम महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा।
प्रातःकाल से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचने लगे। भगवान जिनेंद्र की आराधना, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा।
अभिषेक व वृहद शांतिधारा संपन्न
विधान का शुभारंभ भगवान जिनेंद्र की प्रतिमाओं के अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा से हुआ। पंडित विकास जैन शास्त्री के निर्देशन में विधि-विधान तथा मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं।
श्रद्धालुओं ने भगवान के गुणों का स्मरण करते हुए परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और विश्व कल्याण की मंगल कामना की। इसके बाद विधान की पूजन क्रियाएं प्रारंभ हुईं, जिसमें पात्रों ने अष्टद्रव्य अर्पित कर श्रद्धापूर्वक अर्घ्य समर्पित किए।
संयम और आत्मशुद्धि का संदेश
मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन में धर्म, संयम, आत्मशुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य को बाहरी संसार में सुख खोजने के बजाय आत्मचिंतन के माध्यम से आत्मकल्याण का मार्ग अपनाना चाहिए।
उन्होंने भगवान जिनेंद्र की वाणी को राग-द्वेष से दूर रहकर समता और संयम के साथ जीवन जीने की प्रेरणा बताया।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
मिनी जैन एंड पार्टी ने भगवान जिनेंद्र की महिमा से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। भक्ति संगीत की स्वर लहरियों से मंदिर परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे नजर आए।
सौभाग्यशाली परिवारों ने मुनिसंघ का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए तथा मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। बाद में मुनिश्री के सान्निध्य में वंडरफुल जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धर्म, अध्यात्म और जीवन से जुड़े प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि विधान के चौथे दिन 18 अक्टूबर को भगवान जिनेंद्र का अभिषेक, शांतिधारा एवं विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न होंगी।
श्रीफल साथी : शुभम जैन, आगरा




