आगरा। ओल्ड ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में गुरुवार को परम पूज्य मुनि श्री 108 समत्वसागरजी महाराज, मुनि श्री शीलसागरजी महाराज एवं मुनि श्री सुप्रभातसागरजी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में पांच दिवसीय श्री जिन सहस्रनाम महामंडल विधान का भव्य शुभारंभ हुआ।
15 से 19 अक्टूबर तक आयोजित महोत्सव के प्रथम दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
घटयात्रा और ध्वजारोहण
कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर परिसर से भव्य घटयात्रा के साथ हुआ। श्रद्धालु भक्तिभाव से घटयात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के बीच रूपेश जैन एवं सचिन जैन परिवार ने ध्वजारोहण किया।
राजेंद्र एवं मनोज जैन परिवार ने पंडाल का उद्घाटन किया, जबकि पंकज जैन एवं ममता जैन परिवार द्वारा समवशरण का उद्घाटन किया गया। इन मांगलिक क्रियाओं के साथ विधान महोत्सव की गतिविधियां विधिवत आरंभ हुईं।
अभिषेक, शांतिधारा और पूजन-विधान
पंडित विकर्ष जैन शास्त्री के निर्देशन में भगवान जिनेंद्र की प्रतिमाओं का अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा संपन्न हुई। इसके पश्चात सकलीकरण, आचार्य निमंत्रण एवं पूजन-विधान की अन्य धार्मिक क्रियाएं कराई गईं।
श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र की आराधना कर सुख-समृद्धि और विश्व शांति की मंगल कामना की। मुनि श्री ने जिन सहस्रनाम महामंडल विधान के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सायंकालीन भक्ति एवं सांस्कृतिक आयोजन
सायंकालीन कार्यक्रमों में शाम 6:15 बजे ‘वंडरफुल समाधान’, शाम 7 बजे मंगल आरती तथा शाम 7:30 बजे मिनी जैन एंड पार्टी द्वारा जिनभक्ति डांडिया एवं भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के साथ सहभागिता की।
मीडिया प्रभारी सोनू जैन एवं शुभम जैन ने बताया कि पांच दिवसीय विधान के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
प्रमुख पात्रों ने किया पुण्यार्जन
विधान में महेंद्र इंद्र के रूप में कपिल-माया जैन, सनत इंद्र के रूप में आशीष-राखी जैन, ब्रह्मा इंद्र के रूप में तुषार-सीखी जैन, सौधर्म इंद्र के रूप में शुभम-शिखा जैन, कुबेर इंद्र के रूप में नमित-प्रगति जैन, महायज्ञनायक के रूप में शैंकी-महिमा जैन, यज्ञनायक के रूप में अतुल-रेनू जैन एवं ईशान इंद्र के रूप में कमल-रिंकी जैन ने सहभागिता की।
श्रीफल साथी : शुभम जैन, आगरा




