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जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं और ध्यान धरते हैं। भारत के कुछ अतिशय क्षेत्रों की जानकारी दे रही हैं श्रीफल की प्रधान संपादक रेखा जैन। इसकी 55वीं कड़ी में आज पढ़िए शिवपुरी जिले में स्थित श्री दिगंबर जैन तीर्थोदय एवं धर्मोदय अतिशय क्षेत्र, श्री गोलाकोट - पचराई, ग्राम - गुडर, तहसील - खनियांधाना, जिला - शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के बारे में...

पूरे भारत के तीर्थ क्षेत्र की यात्रा के बाद आइए तीर्थ यात्रा की दूसरी श्रंखला में चलते हैं कि जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र में क्या-क्या अतिशय हुए हैं। तो चलिए अतिशय जानने के इस सफर की 55वीं कड़ी में जानते हैं मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, गोलाकोट के बारे में ....

मुख्य मंदिर और पूज्य प्रतिमाएँ

विन्ध्यांचल पर्वतों के मध्य विशाल सरोवर अनेक वृक्षों एवं अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य से सुशोभित सुन्दर गोल पहाड़ी पर 80 फीट की चहारदीवारी या कोट में स्थित प्राचीन क्षेत्र श्री गोलाकोट जी कला तथा साधना का अद्वितीय केन्द्र है।

इस तीर्थ पर चतुर्थकालीन मन्दिर एवं अनूठी मनोज्ञ बोलती हुई अनेकानेक जिन प्रतिमायें किवदन्तियों एवं प्रत्यक्ष अतिशय से युक्त विशाल मन्दिर के बरामदों में विराजमान है। जिनकी संख्या 119 है और इन मूर्तियो पर अंकित लेखों से पता चलता है कि ये मूर्तियाँ एवं मन्दिर 10 वीं शताब्दी या उससे पूर्व के निर्मित है।

इस क्षेत्र पर मूल नायक भगवान श्री आदिनाथ जी स्वामी से लेकर श्री पार्श्वनाथ जी स्वामी तक की प्रतिमायें है। भगवान महावीर की 61 इंच की पद्मासन प्रतिमा को विराजमान करने हेतु मंदिर एवं वेदी का निर्माण किया गया है।

अभी हाल ही में निर्मित स्वर्ण मंदिर भी इस तीर्थ की शोभा को कई गुना करता है।

अतिशय की मान्यता

चतुर्थ कालीन प्रतिमाएं है जो लगभग 3000 वर्ष प्राचीन है।

गोलाकोट जी का सबसे प्रसिद्ध अतिशय यहां स्थित प्राचीन बावड़ी के जल से जुड़ा हुआ बताया जाता है।

जैन तीर्थ संबंधी स्रोतों के अनुसार श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस बावड़ी का जल चर्म रोग सहित अनेक रोगों में लाभकारी रहा है और इसके कारण यह स्थान विशेष श्रद्धा का केंद्र बना है।

वार्षिक मेले और उत्सव:

गोलाकोट जी में प्रतिवर्ष आदिनाथ जयंती पर मेला एवं विमानोत्सव आयोजित होता है।

आवास एवं सुविधाएं

कमरे (अटैच बाथरूम) - 115

कमरे (बिना बाथरूम) - 13

हॉल - 3

गेस्ट हाउस - 5

यात्री ठहरने की कुल क्षमता 700 से 1000

भोजन शाला - सशुल्क अनुरोध पर

आवागमन के साधन

रेलवे स्टेशन : बसई से 50 किलोमीटर, झांसी 100 किलोमीटर, मुंगावली 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

बस स्टैंड : ललितपुर 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

नजदीकी एयरपोर्ट : भोपाल एवं ग्वालियर

निकटतम प्रमुख नगर : खनियांधाना 10 किलोमीटर, बामौरकला 18 किलोमीटर और अशोकनगर 90 किलोमीटर की दूरी पर है।

प्रबंधन व्यवस्था

यहां की संस्था का नाम है श्री दिगंबर जैन तीर्थोदय एवं धर्मोदय तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, गोलाकोट

अध्यक्ष : श्री शांति कुमार जैन 99901 99005

महामंत्री : श्री डॉ चक्रेश जैन 98939 06974

स्वागत कक्ष : 91793 71348

कार्यालय : 87708 74467, 62638 03101

पिन 473990