इंदौर। इंदौर की धरती पर छत्रपतिनगर स्थित दलाल बाग में मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज ने अपनी देशना में ऐसी अमृतवाणी का रसपान कराया कि सारे भक्त भक्ति से लबरेज हो गए। सोमवार को प्रातःकाल प्रवचन की बेला में मुनिश्री ने कहा कि छोटा बनने से ही बड़ा बनने की शुरूआत होती है। भक्त बनने से ही भगवान बनने की शुरूआत होती है। मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी ने आगे कहा कि जितना बड़ा बनना चाहते हो तो उससे पहले उतना छोटा तो बनो। तुम सबसे बड़ा बन सकते हो। सिद्ध भगवान सबसे बड़े हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बनना कोई मुश्किल नहीं है। इसके लिए पहले अपने को छोटा तो साबित करो। राजा के सामने राजा बनने की कोशिश करोगे तो कुचल दिए जाओगे। राजा के सामने प्रजा ही बनना पड़ेगा।

1003672578.jpg

सिर गुरु के चरणों की धूल के बराबर

अपनों से बड़ों के सामने छोटा बनना ही लाभदायक है। उन्होंने कहा कि जो भगवान के सामने भक्त नहीं बन सकता वह मंदिर का बागवान बनने का पात्र भी नहीं है। भगवान बनने का भाव तो करना ही चाहिए। गुरु बनने के लिए पहले शिष्य तो बनना ही पडे़गा। जो शिष्य नहीं बन सकता वह गुरु बन ही नहीं सकता। मुनिश्री ने आगे कहा कि शरीर का सबसे ऊंचा हिस्सा सिर गुरु के चरणों की धूल के बराबर है। पगड़ी उतार दी मतलब है सबकुछ आपके चरणों में अर्पित है।

आनंद गुरु के चरणों में झुकने में

मुनिश्री ने नमस्कार करने के बारे में विस्तार से बताते हुए भक्तामर और णमोकार मंत्र के महत्व और प्रभाव के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि भक्तामर में भी नमस्कार को ही प्राथमिकता से बताया है। णमोकार मंत्र में भी यही भाव आता है। णमोकार मंत्र में भी नमस्कार का भाव है। उन्होंने कहा कि जो आनंद गुरु के चरणों में झुकने में है वह आशीर्वाद में नहीं।

इन्होंने किया मंगलाचरण

सोमवार को मुनिश्री के प्रवचन के पूर्व मंगलाचरण पार्श्व विद्या जयघोष स्मृतिनगर की सोनम आदित्य, आलोक सोंधिया, स्वाति गगन, संगीता महेंद्र, साक्षी धीरज ने प्रस्तुत किया। इस सांगीतिक प्रस्तुति पर मुनिश्री का भी आशीर्वाद मिला।

इन्होंने भक्ति कलश अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया

सोमवार को मुनिश्री के चरणों में भक्ति कलश समर्पित करने के लिए विद्या सामरिया परिवार, किशनगढ़ से आरके मार्बल परिवार, शरद सुनीता शास्त्री क्लर्क कॉलोनी, शशि अंकित, भूपेंद्र, करूणा टोंग्या परिवार, आयांश सनंतकुमार भूमिका जैन आदि उपस्थित रहे। इन्हीं परिवारों ने दीप प्रज्वलन भी किया। इस अवसर पर सौरभ बड़जात्या, ललितपु र से छोटू पहलवान, सोनाली बागड़िया, देवेंद्र जैन मुंगावली मौजूद रहे। इन्हीं परिवारों ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया।

ध्वज की स्थापना

कार्यक्रम में राष्ट्रीय जिन शासन संघ के ध्वज की स्थापना कर वंदना की गई। इस अवसर पर मयंक जैन, पत्रकार राहुल सेठी, सोनाली बागड़िया, अलका सहित अन्य समाजजनों ने की।