मुरैना। शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर, रविवार को घटस्थापना के साथ होगा। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 10 अक्टूबर की रात्रि 9:19 बजे से 11 अक्टूबर की रात्रि 9:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 11 अक्टूबर को प्रथम नवरात्र माना जाएगा।
प्रकाशित पंचांगों में भी 11 अक्टूबर से नवरात्रि आरंभ, 19 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी का उल्लेख है।
हाथी पर आगमन की धार्मिक मान्यता
डॉ. जैन ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि रविवार से आरंभ होने के कारण धार्मिक मान्यता में मां दुर्गा के हाथी पर आगमन और घोड़े पर विदाई का उल्लेख किया जाता है। श्रद्धालु इसे वर्षा, फसल और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखते हैं।
नवदुर्गा आराधना का क्रम
- 11 अक्टूबर, रविवार — प्रतिपदा: मां शैलपुत्री पूजा एवं घटस्थापना
- 12 अक्टूबर, सोमवार — द्वितीया: मां ब्रह्मचारिणी साधना
- 13 अक्टूबर, मंगलवार — तृतीया: मां चंद्रघंटा आराधना
- 14 अक्टूबर, बुधवार — चतुर्थी: मां कूष्मांडा पूजा
- 15 अक्टूबर, गुरुवार — पंचमी: मां स्कंदमाता आराधना
- 16 अक्टूबर, शुक्रवार — षष्ठी: मां कात्यायनी साधना
- 17 अक्टूबर, शनिवार — सप्तमी: मां कालरात्रि आराधना
- 18 अक्टूबर, रविवार — अष्टमी: मां महागौरी पूजा
- 19 अक्टूबर, सोमवार — नवमी: मां सिद्धिदात्री की आराधना तथा अष्टमी-नवमी के प्रमुख अनुष्ठान
- 20 अक्टूबर, मंगलवार — विजयादशमी: दशहरा पर्व
घटस्थापना के शुभ मुहूर्त
इंजीनियर हिमांशु जैन के अनुसार 11 अक्टूबर को चौघड़िया का लाभ मुहूर्त प्रातः 9:14 से 10:41 बजे तक तथा अमृत मुहूर्त प्रातः 10:41 से दोपहर 12:08 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:45 से दोपहर 12:30 बजे तक बताया गया है।
श्रद्धालुओं से आग्रह है कि पूजा-अनुष्ठान के समय और परंपरा के लिए अपने स्थानीय पंचांग अथवा पुरोहित से भी पुष्टि कर लें, क्योंकि स्थानानुसार मुहूर्तों में अंतर हो सकता है।
श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना





