सनावद। नगर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित श्री क्षेत्र पोदनपुरम में नव दिवसीय नवरात्रि विधान आराधना का शुभारंभ सम्मेद शिखर मंडल विधान के साथ हुआ। आश्विन सुदी एकम को प्रातः श्रीजी के पंचामृत अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा के पश्चात विधान रचाया गया।
विधान में 24 टोंकों के अर्घ्य समर्पित किए गए। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ जिनेंद्र भगवान की आराधना कर धर्मलाभ लिया।
पांड्या परिवार को मिला विधान का सौभाग्य
सम्मेद शिखर मंडल विधान रचाने का सौभाग्य श्रीमती खुशकंवर बाई एवं सुरेश कुमार पांड्या, अमर ज्योति बस परिवार को प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने पुण्यार्जक परिवार की अनुमोदना की।
नवरात्रि आराधना की परंपरा बताई
क्षेत्र ट्रस्टी वारिश जैन ने जैन परंपरा के अनुसार नवरात्रि विधान आराधना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान ऋषभदेव के ज्येष्ठ पुत्र चक्रवर्ती भरत स्वामी ने नवरात्रि के अवसर पर नौ दिवसीय विधान आराधना की थी।
उन्होंने श्रद्धालुओं से इन नौ दिनों में प्रभु भक्ति, मंडल विधान, पूजन और आराधना के माध्यम से पुण्यवृद्धि एवं आत्मकल्याण की भावना रखने का आह्वान किया। साथ ही विधान में समर्पित होने वाले प्रत्येक अर्घ्य का महत्व भी समझाया।
श्रीफल साथी : सन्मति जैन काका, सनावद





