इंदौर। नेमिनगर जैन कॉलोनी में शुक्रवार को आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक गरिमा से परिपूर्ण विशेष अवसर देखने को मिला। जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी गुरुदेव के दर्शनार्थ पधारे। शाम 6:30 बजे हुए इस विशेष आगमन पर डॉ. भागवत ने गुरुदेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धापूर्वक गुरुदेव का पादप्रक्षालन किया। इस अवसर पर धर्म, अध्यात्म, भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों एवं राष्ट्रजीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक आध्यात्मिक संवाद हुआ। गुरुदेव के सान्निध्य में हुई गहन चर्चा में आत्मकल्याण, नैतिकता, संस्कारों और समाज को सद्मार्ग की दिशा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

ब्राह्मी लिपि कैलेंडर एवं रत्नद्वीप घोघा पुस्तक का विमोचन

इस विशेष अवसर पर ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विमोचन भी संपन्न हुए। डॉ. मोहन भागवत के सान्निध्य में ब्राह्मी लिपि कैलेंडर एवं रत्नद्वीप घोघा पुस्तक का विमोचन किया गया। साथ ही आचार्य श्री सुनील सागर जी गुरुदेव के आगामी 50वें अवतरण दिवस महोत्सव के आधिकारिक लोगो का भी भव्य विमोचन हुआ।

भारत गौरव’ अलंकरण ने स्मरणीय बनाया

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण वह गौरवपूर्ण क्षण रहा, जब आचार्य श्री सुनील सागर जी को ‘भारत गौरव’ उपाधि से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व, तप-साधना, धर्म प्रभावना एवं समाज को दिए जा रहे मार्गदर्शन के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक रहा। समग्र रूप से यह अवसर धर्म और समाज, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय विचारों के संगम का साक्षी बना। गुरुदेव का सान्निध्य, डॉ. मोहन भागवत का आगमन, पादप्रक्षालन, महत्वपूर्ण विमोचन एवं ‘भारत गौरव’ अलंकरण ने इस आयोजन को विशेष स्मरणीय बना दिया।