रामगंजमंडी। जैन धर्म के ज्ञान, प्रतिभा और स्मरणशक्ति पर आधारित राष्ट्रीय प्रतियोगिता ‘कौन बनेगा प्रज्ञा शिरोमणि’ में रामगंजमंडी की श्रीमती रेखा जैन शाह ने उपविजेता का स्थान प्राप्त कर नगर का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि पर जैन समाज, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

तीन हजार प्रतिभागियों में बनीं अंतिम 10 की प्रतिभा

प्रतियोगिता में देशभर से करीब तीन हजार प्रतिभागियों ने भाग लिया था। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के बाद केवल 10 प्रतिभागियों का चयन अंतिम मुकाबले के लिए हुआ। अजमेर में 4 एवं 5 अक्टूबर को आयोजित फाइनल में रेखा जैन शाह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता जैन धर्म तथा आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के जीवन, व्यक्तित्व, प्रसंगों एवं विचारों पर आधारित थी। इसका आयोजन मुनिश्री 108 निष्पक्षसागर जी महाराज एवं मुनिश्री 108 निस्पृहसागर जी महाराज की प्रेरणा से किया गया।

हॉट सीट पर दिखाया धर्मज्ञान और आत्मविश्वास

अजमेर स्थित मेरवाड़ा एस्टेट, भागचंद जी की कोठी में आयोजित अंतिम मुकाबले में रेखा जैन शाह हॉट सीट पर पहुंचीं। उन्होंने जैन धर्म एवं अध्यात्म से जुड़े प्रश्नों के त्वरित और सटीक उत्तर देकर अपनी स्मरणशक्ति, आत्मविश्वास और धर्मज्ञान का परिचय दिया।

उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें अंतिम दौर में विशेष पहचान दिलाई और वे उपविजेता बनीं।

साधु-संतों से लिया मंगल आशीर्वाद

उपलब्धि के बाद रेखा जैन शाह ने पति प्रदीप शाह के साथ मुनिश्री निष्पक्षसागर जी महाराज एवं मुनिश्री निस्पृहसागर जी महाराज के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनिश्री ने उन्हें धर्म के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने और धर्मवृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया।

रेखा जैन शाह ने कहा कि यह सफलता रामगंजमंडी के आराध्य भगवान शांतिनाथ की कृपा, बड़ों के आशीर्वाद और नगरवासियों की शुभकामनाओं का परिणाम है।

रजतमय अष्टमंगल द्रव्य से सम्मान

उपविजेता बनने पर रेखा जैन शाह को रजतमय अष्टमंगल द्रव्य, श्रमण भगवान महावीर स्वामी एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दिव्य तस्वीरें भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्हें स्वदेशी, स्वरोजगार एवं स्वावलंबन की प्रेरणा के प्रतीक स्वरूप हथकरघा निर्मित साड़ी, वस्त्र तथा शांतिधारा कलश सहित अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

श्रीफल साथी : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी