मुरैना/नवागढ़। प्रागैतिहासिक जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में नवनिर्मित गोल्लाचार्य बसतिका का लोकार्पण 11 अक्टूबर 2026 को मुनि श्री 108 मंगलानंदसागर महाराज एवं मुनि श्री 108 मंगलसागर महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। समारोह में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नवागढ़ गुरुकुलम के शैक्षणिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

गुरुकुलम के पंजीयन एवं पाठ्यक्रम पर निर्णय

गुरुकुलम ट्रस्ट कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से श्री नवागढ़ गुरुकुलम का पंजीयन कराने तथा सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यालय संचालन की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पदमचंद बांसा, आशीष कुमार सागर, डॉ. पन्नालाल, विजय कुमार, राकेश कुमार जैन, इंजीनियर शिखर जैन, आनंदीलाल लुहर्रा, महामंत्री वीरचंद, पंडित इंद्र कुमार शास्त्री एवं संदीप कुमार एडवोकेट सहित अन्य ट्रस्टी उपस्थित रहे।

सभी ने नवागढ़ में आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

राकेश कुमार जैन की अध्यक्षता में हुआ समारोह

समारोह की अध्यक्षता राकेश कुमार जैन, लोटस-प्रीत विहार ने की। ध्वजारोहण आदिनाथ चैनल के चेयरमैन राजेश कुमार एवं नीलम जैन परिवार ने किया। ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन में मांगलिक अनुष्ठान हुए तथा पंडित दिनेश कुमार एवं पंडित इंद्र कुमार ने विधि-विधान संपन्न कराया।

मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा टीकमगढ़ जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत, भाजयुमो जिला अध्यक्ष संकल्प जैन एवं प्रजातंत्र गंगेले उपस्थित रहे। सरोज राजपूत और संकल्प जैन के संबंधित संगठनात्मक दायित्वों का हालिया सार्वजनिक समाचारों में भी उल्लेख मिलता है।

गोल्लाचार्य की स्मृति को समर्पित बसतिका

मुनि श्री मंगलसागर महाराज ने गोल्लाचार्य के जीवन और जैनशासन में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोल्लाचार्य की स्मृति में निर्मित यह बसतिका भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

नवागढ़ क्षेत्र प्राचीन जैन संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां गुरुकुलम, गौशाला, त्यागी-व्रतियों के लिए चौका व्यवस्था तथा बसतिका जैसे कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

धर्माचरण और आत्मकल्याण का संदेश

मुनि श्री मंगलानंदसागर महाराज ने श्रद्धालुओं को देव, शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा रखते हुए निष्ठापूर्वक धर्माचरण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साधु जीवन का उद्देश्य आत्मकल्याण होना चाहिए, न कि लौकिक प्रतिष्ठा की आकांक्षा। जिनशासन की सच्ची प्रभावना सर्वोपरि है।

क्षुल्लक दीक्षा की भावना व्यक्त की

समारोह में मुनि श्री मंगलानंदसागर महाराज के गृहस्थ जीवन के पुत्र ब्रह्मचारी राजेश भैया ने मुनि संघ के समक्ष क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण करने की भावना व्यक्त करते हुए 11 श्रीफल समर्पित किए। उन्होंने दीक्षा होने तक मिष्ठान त्यागने और प्रतिदिन 20 घंटे मौन रखने का संकल्प लिया।

नवागढ़ विकास में सहयोग का आश्वासन

सरोज राजपूत ने नवागढ़ के विकास के लिए व्यक्तिगत रूप से तथा शासन-प्रशासन के माध्यम से सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़े विषय मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही।

कार्यक्रम में चातुर्मास, नवागढ़ एवं गुरुकुलम कमेटियों ने अतिथियों का सम्मान किया। महिला मंडल ने मातृशक्ति का सम्मान किया। गुरुकुलम अध्यक्ष राकेश कुमार जैन ने आभार व्यक्त किया तथा संचालन महामंत्री वीरचंद ने किया।

श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना