मुरैना। नगर के जैन धर्मानुरागी श्रद्धालुओं ने तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा के दौरान अयोध्या, रतनपुरी, बरही, महामृत्युंजय जैन तीर्थ एवं अन्य तीर्थ क्षेत्रों की वंदना कर धर्मलाभ लिया। यात्रा के अंतिम दिन लखनऊ के आशियाना में मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री 108 विहसंतसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित सरस्वती महाअर्चना एवं श्रुत स्कंध विधान में 151 श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आहुतियां अर्पित कीं।

बसों से रवाना हुआ 151 यात्रियों का जत्था

उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज के भक्त पत्रकार मनोज जैन नायक के नेतृत्व में 151 यात्रियों का जत्था बसों से तीर्थयात्रा पर रवाना हुआ। यात्रा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने महामृत्युंजय जैन तीर्थ एवं अतिशय क्षेत्र बरही, उदी मोड़ के दर्शन-वंदन किए।

अयोध्या में जिनालयों की वंदना

यात्रा के दूसरे दिन श्रद्धालु भगवान आदिनाथ की पावन नगरी अयोध्या पहुंचे। वहां उन्होंने विभिन्न जिनालयों की वंदना की। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीराम मंदिर, हनुमानगढ़ी एवं सरयू घाट का दर्शन और भ्रमण भी किया।

सरयू तट पर नौका विहार तथा आरती के भक्तिमय आयोजन में सहभागिता से यात्रियों ने धार्मिक वातावरण का अनुभव किया।

सरस्वती महाअर्चना में अर्पित कीं आहुतियां

यात्रा के तीसरे दिन रविवार को श्रद्धालु लखनऊ के आशियाना पहुंचे। यहां समाधिस्थ गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के प्रभावक एवं आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज के सान्निध्य में सरस्वती महाअर्चना एवं श्रुत स्कंध विधान आयोजित हुआ।

मुरैना से पहुंचे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और आहुतियां समर्पित कीं। आयोजकों के अनुसार, उपाध्यायश्री ने पांच हजार से अधिक साधर्मी बंधुओं को लगभग 1200 वर्ष प्राचीन मां सरस्वती की प्रतिमा के दर्शन कराए और मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

व्यवस्थाओं में मिला सहयोग

आनंदमय वर्षायोग समिति, आशियाना, लखनऊ ने बाहर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सम्मान किया। यात्रियों के आवास, भोजन और परिवहन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।

यात्रा के सफल आयोजन में मनोज जैन नायक, एडवोकेट धर्मेंद्र जैन, अनूप भंडारी, सुनील जैन पुच्ची, बृजेश जैन दादा, नितिन जैन, प्रवीण जैन बड़े, अक्षय भंडारी सहित अन्य श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।

श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना