हरिद्वार। संस्कृत स्तोत्र साहित्य एवं जैन दर्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध के लिए शोधार्थी मोहित जैन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित 52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन (AIOC-2026) में उन्हें प्रतिष्ठित ‘बेस्ट रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन अवार्ड–D. K. Jain O. R. Institute Prize’ प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुति के लिए मिला। सम्मेलन में मोहित जैन ने ‘संस्कृत स्तोत्र साहित्य की परंपरा में मुनि प्रणम्यसागर विरचित चतुर्विंशतिजिनस्तोत्रशतकम् का स्थान एवं वैशिष्ट्य’ विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। अपने शोध में उन्होंने संस्कृत स्तोत्र साहित्य की समृद्ध परंपरा के परिप्रेक्ष्य में मुनि श्री प्रणम्यसागर जी महाराज द्वारा रचित चतुर्विंशतिजिनस्तोत्रशतकम् की साहित्यिक, दार्शनिक एवं स्तुतिपरक विशेषताओं का विश्लेषण करते हुए संस्कृत साहित्य में उसकी विशिष्टता और महत्ता को रेखांकित किया।

स्वामी रामदेव का भी मिला आशीर्वाद

सम्मेलन के समापन सत्र में पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं योगगुरु स्वामी रामदेव महाराज तथा AIOC-2026 के अध्यक्ष एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य श्रीनिवास वरखेड़ी ने संयुक्त रूप से मोहित जैन को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें स्वामी रामदेव महाराज का आशीर्वाद तथा देश-विदेश से आए विद्वानों की शुभकामनाएं भी प्राप्त हुईं।

विद्वानों और गुरुजनों ने दी शुभकामनाएं

उल्लेखनीय है कि 52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों, शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की। ऐसे प्रतिष्ठित विद्वत् मंच पर शोधपत्र प्रस्तुत कर पुरस्कार प्राप्त करना मोहित जैन की अकादमिक प्रतिभा और शोध की गुणवत्ता का परिचायक है। साथ ही यह उपलब्धि जैन दर्शन, प्राकृत एवं संस्कृत साहित्य के अध्ययन-अनुसंधान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है। मोहित जैन वर्तमान में जैन विश्वभारती संस्थान, लाडनूं (राजस्थान) के प्राकृत एवं संस्कृत विभाग में शोधकार्य कर रहे हैं। वे भारतीय दर्शन, जैन दर्शन, प्राकृत साहित्य, संस्कृत साहित्य, पांडुलिपि विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के विभिन्न आयामों पर अध्ययन और अनुसंधान में सक्रिय हैं। उनकी इस उपलब्धि पर विभिन्न विद्वानों, गुरुजनों, शोधार्थियों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।