आगरा। अवधपुरी स्थित श्री पद्मप्रभु जिनालय में शनिवार को जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभु के पावन जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ पद्मप्रभु विधान का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः काल भगवान पद्मप्रभु के अभिषेक एवं मंगल शांतिधारा के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान का पूजन-अर्चन कर विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की।इसके पश्चात विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ पद्मप्रभु विधान की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं।

जयकारों और भक्ति गीतों से मंदिर गूंजा

विधान के दौरान श्रद्धालुओं ने अर्घ्य समर्पित कर भगवान की भक्ति की और जन्म एवं तप कल्याणक के महत्व को समझा। इस अवसर पर जिनालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भगवान पद्मप्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने तथा धर्म, संयम, तप और त्याग के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

यह समाजजन रहे मौजूद

इस मौके पर प्रवीन जैन,विवेक जैन इंद्रप्रकाश जैन,राकेश जैन,नरेंद्र जैन,जितेंद्र जैन, रवि जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, कविता जैन, करुणा जैन, प्रतिक्षा जैन, हेमलता जैन, शालू जैन, रीता जैन, सुनीता जैन, पुष्पा जैन, बीना जैन, समस्त पद्मप्रभु जिनालय परिवार अवधपुरी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालु उपस्थित रहे।