मोदीनगर में छाई खुशियां ही खुशियां : आचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी ससंघ पधारे, 2 मई को मनाया जा रहा जन्म महोत्सव

नगर में श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज ससंघ (33 पिच्छी) पधारे । संपूर्ण समाज में अपूर्व उत्साह, आबाल-वृद्ध में अद्भुत उमंग, प्रत्येक मुख पर अपरिचित मुस्कान दिखाई दे रही है। पथरिया से पढ़िए,सोनल जैन की यह रिपोर्ट...
पथरिया। मोदी नगर में श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज ससंघ (33 पिच्छी) पधारे । संपूर्ण समाज में अपूर्व उत्साह, आबाल-वृद्ध में अद्भुत उमंग, प्रत्येक मुख पर अपरिचित मुस्कान दिखाई दे रही है। आखिर हो भी क्यों न हम सबके मार्गदर्शक, आदर्श, निर्गन्ध, वीतरागी, दिगम्बर महामुनिराज और उनका चतुर्विध संघ जो पधारा है। मोदीनगर के जैन समाज में ये खुशियाँ तब और भी वृद्धिगत हो गईं जब पता चला कि आचार्य श्री विमर्शसागर जी मुनिराज के शिक्षा-दीक्षा दाता समाधि सम्राट आचार्य 108 विरागसागर जी महामुनिराज का 64 वाँ जन्म -महोत्सव भी विशाल चतुर्विध संघ के साथ मोदीनगर वालों को मनाने को मिल रहा है। 2 मई का वह पावन पवित्र दिवस, जब बुंदेलखंड के पथरिया ग्राम में सन् 1963 में इस युग के महापुरुष का जन्म हुआ था और वही आगे चलकर मुनिराजों के शिरोमणि 500-550 शिष्य-प्रशिष्यों के नायक आचार्य श्री विरागसागर जी महामुनिराज के रूप में विश्व विख्यात हुए। 2 मई शनिवार को श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर में आचार्य संघ की पावन सन्निधि प्रातः काल जिनाभिषेक के बाद विधिवत जन्म महोत्सव की सभा प्रारंभ की जाएगी।न सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन मंगलाचरण पाद-प्रक्षालन, शास्त्रभेंट, गुरुपूजन एवं विनयांजलि के माध्यम से गुरु -महिमा गुणगान किया जाएगा। संध्याबेला में 64 दीप थालों से गुरुवर की महाआरती की जाएगी।
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