सागर। वर्णी संस्थान विकास सभा जनकल्याण समिति एवं विचार संस्था सागर के तत्वावधान में 15 अगस्त 2026 को वर्णी पुरम, हंसेरा में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। जन्मभूमि स्मारक पर वर्णी बाल संस्कार केंद्र के विद्यार्थियों और ग्रामीणजनों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। स्मारक के उप अधिष्ठाता पं. देवेंद्र शास्त्री मड़ावरा ने ध्वजारोहण किया।

बाल प्रतिभाओं ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियांl

ध्वजारोहण के बाद वर्णी बाल संस्कार केंद्र के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। ग्रामीण परिवेश के बच्चों की प्रतिभा को उपस्थित अतिथियों एवं समाजजनों ने सराहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

नशामुक्ति का लिया संकल्प

कार्यक्रम के बाद नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें बाल संस्कार केंद्र के विद्यार्थियों के साथ ग्रामीणजन भी शामिल हुए। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे ऐसे परिवार में विवाह करेंगी, जहां कोई व्यक्ति नशा नहीं करता हो। रैली के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में नशामुक्ति और स्वस्थ समाज का संदेश दिया गया।

पार्क का हुआ नामकरण

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत प्रधान छत्रपाल सिंह ने ग्राम पंचायत पार्क का नामकरण गणेश प्रसाद वर्णी उद्यान के रूप में किया। नामकरण पट्टिका का विमोचन उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणजनों की मौजूदगी में हुआ। इस अवसर पर सभी ने उद्यान पहुंचकर वृक्षारोपण किया।

100 आंवला के पौधे लगाए

गणेश प्रसाद वर्णी उद्यान में 100 आंवला के पौधे लगाए गए। आयोजकों ने बताया कि वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्राम के महापुरुष गणेश प्रसाद वर्णी की स्मृति को भी स्थायी रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

वर्णी जी के जीवन पर स्मारिका का विमोचन

मड़ावरा में विराजमान मुनि श्री नीरज सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में गणेश प्रसाद वर्णी के जीवन पर आधारित ‘युगद्रष्टा’ स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में गणेश प्रसाद वर्णी के शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान को याद किया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में रहा उल्लेखनीय योगदा

मुख्य अतिथि डॉ. शिखरचंद जैन मड़ावरा ने कहा कि गणेश प्रसाद वर्णी का जन्म भले ही हंसेरा ग्राम में हुआ, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के कारण उनका नाम पूरे देश में जाना जाता है।

ग्राम प्रधान छत्रपाल सिंह ने कहा कि यह क्षेत्रवासियों का सौभाग्य है कि मड़ावरा का नाम वर्णी जी की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है। डी.के. सराफ ने बताया कि मड़ावरा में लगभग 30 वर्षों से वर्णी विद्यालय संचालित है और एक अन्य विद्यालय का निर्माण कार्य भी चल रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्णी जी ने 100 से अधिक विद्यालयों की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्हें बुंदेलखंड के गांधी के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी सहभागिता से जुड़े अनेक संस्मरण भी मिलते हैं।

अतिथियों ने निभाई सहभागिता

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शिखरचंद जैन मड़ावरा, ग्राम प्रधान छत्रपाल सिंह तथा विशिष्ट अतिथि डी.के. सराफ, सुरेश शास्त्री केवलारी, विनोद जैन शास्त्री एवं राजीव जैन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद जैन एलआईसी सागर ने की।

कार्यक्रम का संचालन संयोजक मनीष विद्यार्थी एवं शिक्षिका रुक्मणी तोमर ने किया। आभार महामंत्री कैलाश जैन टीला ने माना। बाल संस्कार केंद्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान महिला प्रकोष्ठ की महामंत्री श्रीमती रश्मि जैन ने किया।

सामूहिक प्रयास से हुआ महत्वपूर्ण कार्य

आयोजकों के अनुसार गणेश प्रसाद वर्णी उद्यान नामकरण, नशामुक्ति जागरूकता और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में ग्राम प्रधान छत्रपाल सिंह, डी.के. सराफ, चंद्रेश शास्त्री भोपाल, कैलाश जैन टीला और मनीष विद्यार्थी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन ने शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति को एक साथ जोड़ने का संदेश दिया।