बड़नगर(मप्र)। संसार की चकाचौंध, सुख सुविधाओं और सांसारिक मोह माया को त्यागकर आत्मकल्याण एवं संयम के पथ पर अग्रसर होने वाली पांच दीक्षार्थी बहनों का बड़नगर नगर में भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया गया। पांचों बहनें 22 नवंबर को सोनागिरि सिद्धक्षेत्र में श्रमणी गणिनी आर्यिका विशाश्री माताजी के सानिध्य में आर्यिका जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेंगी। इन पांचों बहनों का जीवन परिचय और वैराग्य की भावना समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। खास बात यह है कि इनमें कोई गोल्ड मेडलिस्ट है, कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट, तो किसी ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर प्रतिष्ठित करियर की राह चुनी थी लेकिन, सांसारिक उपलब्धियों और लाखों के पैकेज को पीछे छोड़कर सभी ने आत्मकल्याण के मार्ग को अपना जीवन समर्पित करने का संकल्प लिया।
उच्च शिक्षा और प्रतिष्ठित करियर छोड़ चुना वैराग्य का मार्ग
सहारनपुर निवासी प्रखरश्री दीदी ने भोपाल में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद अहमदाबाद से एलएलबी की पढ़ाई गोल्ड मेडल के साथ पूरी की। इसके पश्चात उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एलएलएम की उपाधि हासिल की और लंदन में सिविल जज के पद के लिए चयनित हुईं। इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम का मार्ग चुना। महाराष्ट्र के सारंगपुर निवासी रंगोली दीदी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक पेशेवर जीवन में अपनी सेवाएं दीं, लेकिन अंतर्मन में जागे वैराग्य भाव ने उन्हें आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित किया। ग्वालियर निवासी सोनम दीदी ने फाइन आर्ट्स में एमए की शिक्षा प्राप्त की है। वहीं भिंड निवासी गिरजा दीदी ने वर्ष 2020 से ही ब्रह्मचर्य व्रत का नियम लेकर संयममय जीवन की दिशा में कदम बढ़ा दिए थे। भिंड निवासी चेतना दीदी ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन आत्मज्ञान एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रति उनकी गहरी रुचि और समर्पण अद्वितीय है।
भव्य बिनौली, जगह-जगह हुआ स्वागत और बहुमान
चार नवंबर को पांचों दीक्षार्थी बहनों का बड़नगर आगमन हुआ। इस अवसर पर जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। शाम को श्री शांतिनाथ मंदिर से भव्य बिनौली यात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई स्वाध्याय भवन पहुंची। चल समारोह में श्री शांतिनाथ मंदिर, श्री चंद्रप्रभु मंदिर एवं श्री पार्श्वनाथ मंदिर सहित नगर के समस्त जैन परिवारों की ओर से दीक्षार्थी बहनों की गोदभराई की गई। समाजजनों ने खोल भरकर बहनों का बहुमान किया और उनके संयममय जीवन की मंगलकामना की।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अभय टोंग्या, नरेंद्र शाह, नरेंद्र कासलीवाल, अशोक गोधा, मनीष टोंग्या, अजीत टोंग्या, प्रदीप टोंग्या, यमल अजमेरा, संजय शाह, नवीन काला, जिनेंद्र काला, प्रियंका टोंग्या, रूपा शाह, मोना पाटनी, निकिता डोसी, ममता कासलीवाल, माला सोनी, हिमाली सोगानी, मोना बाकलीवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धाभाव से दीक्षार्थी बहनों की गोदभराई कर उनका अभिनंदन किया।कार्यक्रम के दौरान दीक्षार्थी बहन प्रखरश्री दीदी ने अपने उद्बोधन में वैराग्य एवं आध्यात्मिक जीवन की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन रजत टोंग्या ने किया।
दृढ़ संकल्प समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश
पांचों बहनों का यह त्याग, समर्पण और आत्मकल्याण के प्रति दृढ़ संकल्प समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है कि जीवन की वास्तविक उपलब्धि केवल भौतिक सफलता में नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्षमार्ग की ओर बढ़ने में निहित है।




