इंदौर। इंद्रपुरी चातुर्मास उत्सव समिति के तत्वावधान में नेमिनगर जैन कॉलोनी में चल रहे वर्षायोग में प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागर जी के नित्य प्रवचन प्रातःकाल में हो रहे हैं। इससे उपस्थित जनसमुदाय को ज्ञान, आध्यात्मिक दर्शन और प्रभावना मिल रही है। सोमवार को प्राकृताचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज ने कहा कि वक्त का हर दौर बदल जाता है यहां, हंसता हुआ चेहरा भी बदल जाता है यहां, मत कर गुरुर अपनी शान पर सुंदरता पर, हर एक व्यक्ति का ठिकाना बदल जाता है। अणु भी बदल जाता है और परमाणु भी बदल जाता है। आचार्यश्री ने कहा कि संसार में कोई भी वस्तु शाश्वत नहीं है। यह संसार दुख का सागर है।

सब अपने-अपने कर्म के फल भोगते हैं

नारकीय जीव का दुख हमें नजर नहीं आता। मनुष्यों के दुख भी नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि कमजोर को कमजोर करना चाहते हो तो उसकी कमजोरी पर फोकस करो। बच्चों के लिए कहा कि बच्चों को सही दिशा दो। आचार्यश्री ने कहा कि सब अपने-अपने कर्म करते हैं। सब अपने-अपने कर्म के फल भोगते हैं। यह दुनिया का आश्चर्य है कि हम आंख से देख सकते हैं। कान से सुन सकते हैं। जीभ से बोल सकते हैं। हम ही यह कर पा रहे हैं।

कम से कम जिनवाणी का ही स्वाध्याय कर लो

आचार्यश्री ने द्रव्य परावर्तन, कर्म परावर्तन के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में पंच परावर्तन होते हैं। इसी के कारण चारों गतियों में परिभ्रमण हो रहा है। हम हर बार मनुष्य नहीं बन सकते। जिनसे डरते हैं तो शेर और सांप का पर्याय भी मिल सकता है। हमारे कर्म हमारे परिणाम हमारी गति निर्धारित करते हैं। हम सब द्रव्य परावर्तन की बात करें। पंच प्रकार के संसार में दुख बीमारी को लेकर भ्रमण करता है। उन्होंने कहा कि जिनवाणी में सबकुछ है। जिनवाणी के माध्यम से गणित, फिजिक्स, रसायन और विज्ञान के माध्यम से समझाया जा सकता है। जिन्होंने कभी ग्रंथों को खोलकर नहीं देखा उनके लिए कहना है कि कम से कम जिनवाणी का ही स्वाध्याय कर लो। जिनवाणी बातें सुनो और उसका अध्ययन करो।

धर्मसभा में इनकी रही मौजूदगी

इंद्रपुरी चातुर्मास उत्सव में इंदौर नगर के अलावा देश के विभिन्न प्रांत गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित अन्य स्थानों के शहरों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं आ रही हैं। इस अवसर सोमवार इंदर सेठी, कैलाश लुहाड़िया, कुशलराज जैन पमपम, देवेंद्र सेठी, निलेश जैन, प्रदीप चौधरी, प्रदीप पाटोदी सहित बड़ी संख्या में नेमिनगर जैन कॉलोनी के गुरु भक्त मौजूद रहे।